Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में QR कोड के जरिए साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने चॉइस सेंटर संचालकों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। इस मामले में बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। उनके पास से एक कार और स्कूटी भी जब्त की गई है। वहीं, ठगी के शिकार चॉइस सेंटर संचालक अपने बैंक खातों पर लगे होल्ड हटने और फंसी हुई रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगी का यह मामला तब सामने आया, जब एक चॉइस सेंटर संचालक के पास ग्राहक बनकर एक युवक पहुंचा। युवक ने आधार कार्ड के जरिए पैसे निकालने की बात कही। हालांकि, आधार के माध्यम से रकम नहीं निकलने पर उसने चॉइस सेंटर संचालक को दूसरे तरीके से भुगतान करने की बात कही। इसके बाद युवक ने संचालक के QR कोड पर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम खाते में आने के बाद संचालक ने निर्धारित चार्ज काटकर बाकी पैसे युवक को नकद दे दिए। उस समय संचालक को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके खाते में आई रकम साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी हुई है। लेनदेन पूरा होने के बाद युवक वहां से चला गया।
लेकिन इस लेनदेन के दो से तीन दिन बाद चॉइस सेंटर संचालक को बड़ा झटका लगा। उसका बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। खाते पर रोक लगने के बाद संचालक ने बैंक से संपर्क किया और इसकी वजह जानने की कोशिश की। बैंक से मिली जानकारी में पता चला कि खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद संचालक ने साइबर थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। जांच से जुड़ी जानकारी में सामने आया कि ग्राहक द्वारा QR कोड के माध्यम से भेजे गए पैसे किसी दूसरे व्यक्ति के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी से संबंधित थे। इस तरह चॉइस सेंटर संचालक का बैंक खाता भी साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन में शामिल हो गया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पता चला कि इसी तरह दूसरे चॉइस सेंटर संचालक भी प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, ठगों ने अलग-अलग संचालकों के खातों का इस्तेमाल कर करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। इस घटना के बाद संबंधित संचालकों को बैंक खातों में लगी रोक और फंसी हुई रकम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित संचालकों ने बताया कि उन्होंने समूह बनाकर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वे सामान्य रूप से ग्राहकों को पैसे निकालने और भुगतान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। लेकिन इस मामले में अनजाने में साइबर ठगी से जुड़ी रकम उनके खातों में पहुंच गई। इसके चलते अब उन्हें अपने ही बैंक खातों से संबंधित परेशानी उठानी पड़ रही है।
इधर, बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक कार और स्कूटी भी जब्त की है। दोनों युवकों से मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों के परिजनों के पूछताछ स्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें वहां से बाहर भेज दिया गया। हालांकि, इस आरोप के संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दो युवकों को हिरासत में लिए जाने के बाद पीड़ित चॉइस सेंटर संचालकों को अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, उनके बैंक खातों पर लगा होल्ड कब हटेगा और फंसी हुई रकम वापस मिलेगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लेने और वाहन जब्त करने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा। फिलहाल साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
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