ACB की बड़ी कार्रवाई, 10 हजार की रिश्वत लेते दो कृषि अधिकारी गिरफ्तार
छग
Antagarh. अंतागढ़। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आमाबेड़ा तहसील क्षेत्र में एसीबी की टीम ने दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने किसानों को फसल बीमा की राशि दिलाने के बदले पैसे की मांग की थी। किसानों की शिकायत पर एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। पकड़े गए अधिकारियों की पहचान प्रवीण चंद्राकर और सुंदर बछड़ के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला कांकेर जिले के आमाबेड़ा तहसील क्षेत्र का है। यहां ग्राम पंचायत आलानार के रहने वाले किसान सुनील कोमरा और सगाऊ कोमरा फसल बीमा की राशि प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा उनसे कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के एवज में 10 हजार रुपये मांगे थे। इस मांग से परेशान किसानों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों की जांच करते हुए कार्रवाई की योजना बनाई।
एसीबी की टीम ने शिकायत के आधार पर दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, बुधवार 14 अक्टूबर को किसान 10 हजार रुपये लेकर संबंधित अधिकारियों के पास पहुंचे। इसी दौरान एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को कथित रिश्वत लेते पकड़ लिया। इस कार्रवाई में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण चंद्राकर और सुंदर बछड़ को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने किसानों के फसल बीमा भुगतान से संबंधित कार्य के बदले अवैध रूप से राशि की मांग की थी।
फसल बीमा किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। प्राकृतिक आपदा और अन्य अधिसूचित कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में पात्र किसानों को बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है। ऐसे में किसानों को योजना का लाभ दिलाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप गंभीर हैं। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। मामले में शिकायतकर्ता किसानों ने एसीबी को जानकारी देकर कार्रवाई में सहयोग किया।