Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी पैरवी के चलते एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी अब्दुल सकूर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 2 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह फैसला माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), रायपुर की विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत ने सुनाया है।
गांजा बरामद होने पर दर्ज हुआ था मामला
मामला थाना खमतराई के अपराध क्रमांक 242/2022 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब्दुल सकूर पिता शेख इस्माईल, उम्र 48 वर्ष, निवासी बजरंग चौक रावणभाठा, थाना खमतराई, जिला रायपुर के कब्जे से अवैध गांजा बरामद किया गया था। अवैध मादक पदार्थ रखने के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(B) के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की थी। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने माना अपराध सिद्ध
सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध पाए जाने पर उसे दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है तो उसे 2 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती जारी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा मामलों की जांच के साथ-साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी भी की जा रही है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।