धमतरी पॉक्सो केस में आरोपी को 20 साल की सजा, कोर्ट ने सुनाया फैसला

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Update: 2026-07-15 18:04 GMT
Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2024 के इस मामले में पुलिस की वैज्ञानिक जांच, मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य अपराध सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी 19 वर्षीय किशन यादव को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332 के तहत आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वैज्ञानिक जांच बनी सजा का आधार
मामले की विवेचना सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) दुलाल नाथ ने की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य एकत्र किए और घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण जुटाए। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ मजबूत पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी का अपराध सिद्ध माना और कठोर सजा सुनाई।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
धमतरी पुलिस के अनुसार, यह फैसला गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी विवेचना के महत्व को दर्शाता है। पुलिस ने कहा कि सटीक जांच और मजबूत कानूनी कार्रवाई के कारण आरोपी को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाने में सफलता मिली है। पुलिस ने यह भी कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच जारी रहेगी तथा दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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