Raigarh. रायगढ़। मानसून के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सभी विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। एसपी कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में नगर निगम, राजस्व, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, पुलिस, नगर सेना सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राहत एवं बचाव कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली व्यवस्था, जलभराव वाले क्षेत्रों, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
17 बाढ़ प्रभावित गांवों की होगी विशेष निगरानी
बैठक में हीराकुंड बांध के जलभराव से प्रभावित चिन्हित 17 गांवों को लेकर विशेष चर्चा की गई। प्रशासन ने इन गांवों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जलस्तर में वृद्धि, संभावित खतरे और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर पहले से तैयारी रखें। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत योजना तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
शहर के 48 वार्डों में तैनात होंगे नोडल अधिकारी
रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शहर के सभी 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निगम के चारों जोन के लिए विशेष प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। जलभराव वाले स्थानों की पहचान, नालों की सफाई, पानी निकासी की व्यवस्था और आपातकालीन टीमों की तैनाती को लेकर निगम प्रशासन को विशेष तैयारी रखने कहा गया है। नगर निगम आयुक्त ने बैठक में बताया कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर पानी निकालने के लिए पंपों की व्यवस्था, राहत टीमों की तैनाती और आपातकालीन संसाधनों को तैयार रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
मानसून के दौरान फैलने वाली मौसमी और जलजनित बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। विशेष रूप से रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 और 20 में डेंगू नियंत्रण एवं जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान और लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बिजली, सड़क और जलभराव पर विशेष ध्यान
बैठक में बरसात के दौरान बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। कुनकुनी सड़क मार्ग के जलभराव वाले हिस्से को जल्द सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं लैलूंगा विकासखंड के राजपुर पहुंच मार्ग की स्थिति पर भी चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने कहा गया।
राहत शिविरों की पहले से होगी तैयारी
संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राहत शिविरों की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिले में उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्सी, राहत सामग्री और अन्य जरूरी संसाधनों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए सामुदायिक भवनों और अन्य उपयुक्त स्थानों को राहत शिविर के रूप में चिन्हित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी रखें। बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के समय नागरिकों की सहायता के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन नंबर 07762-223750 को 24 घंटे संचालित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने दिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। बैठक में शहर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने को लेकर भी चर्चा की गई।
रेलवे अंडरब्रिज गंधरी पुलिया बंद, वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील
रायगढ़ शहर के मध्य स्थित रेलवे अंडरब्रिज (गंधरी पुलिया) को सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन ने आवागमन के लिए बंद कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान इस मार्ग का उपयोग न करें और वैकल्पिक रास्तों से आवागमन करें। प्रशासन ने कहा है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।