Durg. दुर्ग। साइबर अपराध के एक नए तरीके का खुलासा करते हुए दुर्ग पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर च्वाईस सेंटर संचालकों को विश्वास में लेते थे और उनके बैंक खातों में रकम मंगवाकर बदले में नगद राशि हासिल करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में कर साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर किया। जामुल पुलिस ने विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

च्वाईस सेंटर संचालक को बनाया था निशाना
मामला थाना जामुल क्षेत्र का है। प्रार्थी चंदन साहू निवासी शिवपुरी जामुल च्वाईस सेंटर का संचालन करता है। पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को एक युवती ने मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत बताकर चंदन साहू से संपर्क किया था। युवती ने कहा कि उसके परिचित व्यक्ति द्वारा प्रार्थी के बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी और इसके बदले उसे नगद रकम देनी होगी। विश्वास में आकर चंदन साहू ने नगद राशि उपलब्ध करा दी। इसके कुछ दिन बाद साइबर ठगी से जुड़ी शिकायत के कारण बैंक द्वारा प्रार्थी का खाता होल्ड कर दिया गया। इसके बाद उसे पूरे मामले में धोखाधड़ी का संदेह हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

म्यूल अकाउंट बनाकर करते थे रकम का इस्तेमाल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि केवल एक च्वाईस सेंटर संचालक ही नहीं, बल्कि अन्य कई च्वाईस सेंटर संचालकों से भी इसी तरह अलग-अलग रकम नगद प्राप्त की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा बैंक खातों का योजनाबद्ध तरीके से म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। साइबर अपराधियों की रकम इन खातों में भेजी जाती थी और फिर खाताधारकों के माध्यम से नगद निकाल ली जाती थी। इस तरह खाताधारक भी साइबर अपराध की जांच के दायरे में आ जाते थे।

दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी शुरू की। पूछताछ में आरोपियों ने बैंक खातों का उपयोग कर रकम प्राप्त करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी लोकेश कुमार मालवीय और दिनेश मालवीय को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:-
लोकेश कुमार मालवीय, उम्र 43 वर्ष, निवासी बसंत बिहार कॉलोनी, महावीर नगर, थाना राजेंद्र नगर, जिला रायपुर।
दिनेश मालवीय, उम्र 56 वर्ष, निवासी न्यू सब्जी मंडी, अहिवारा, थाना नंदिनी, जिला दुर्ग।
दोनों के खिलाफ थाना जामुल में अपराध क्रमांक 563/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और च्वाईस सेंटर संचालकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में रकम प्राप्त कर उसके बदले नगद राशि न दें। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर बैंक खातों का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ऐसे मामलों में खाता धारक भी जांच के घेरे में आ सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल बैंक और पुलिस को दें। साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
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