बिलासपुर पुलिस को मिले 208 मोबाइल डेटा टर्मिनल

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Update: 2026-07-07 18:15 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। अपराधों की विवेचना को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। नए आपराधिक कानूनों के तहत डिजिटल साक्ष्यों के महत्व को देखते हुए पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले के विवेचकों को 208 मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों के जरिए अब पुलिस अधिकारी घटनास्थल से ही फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य सीधे ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। मोबाइल डेटा टर्मिनल के वितरण का कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के थानों और साइबर सेल में पदस्थ विवेचकों को आधुनिक उपकरण सौंपे गए।
डिजिटल साक्ष्य संकलन होगा आसान और तेज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नए आपराधिक कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका काफी बढ़ गई है। ऐसे में विवेचना प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए एमडीटी डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं। अब विवेचक किसी भी घटना स्थल पर पहुंचने के बाद वहां की तस्वीरें, वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी तत्काल मोबाइल डेटा टर्मिनल के माध्यम से सीसीटीएनएस (CCTNS) पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इससे साक्ष्यों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, डिजिटल साक्ष्यों में छेड़छाड़ या देरी जैसी समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा।
निजी मोबाइल पर निर्भरता होगी खत्म
पुलिस के मुताबिक, इससे पहले कई बार विवेचकों को घटनास्थल की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए निजी मोबाइल फोन का उपयोग करना पड़ता था। इससे मोबाइल की स्टोरेज भरने, डेटा सुरक्षा और निजी एवं सरकारी जानकारी के आपस में मिल जाने जैसी परेशानियां आती थीं। एमडीटी मिलने के बाद विवेचक अब केवल विभागीय उपकरणों का उपयोग करेंगे। इससे आधिकारिक डेटा की सुरक्षा भी बेहतर होगी और जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी।
विवेचना की गुणवत्ता में आएगा सुधार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा टर्मिनल के उपयोग से अपराध जांच की गुणवत्ता में सुधार आएगा। घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य अपलोड होने के कारण जांच अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी मामलों की प्रगति को बेहतर तरीके से मॉनिटर कर सकेंगे। इसके अलावा समय पर साक्ष्य उपलब्ध होने से न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी तेज होगी। इससे अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जल्द पूरी करने में मदद मिलेगी।
तकनीक आधारित पुलिसिंग की ओर कदम
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। एमडीटी जैसे उपकरण अपराध नियंत्रण और बेहतर विवेचना के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। पुलिस विभाग लगातार डिजिटल माध्यमों को अपनाकर जांच प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग से आम नागरिकों को भी बेहतर और तेज न्यायिक सहायता मिल सकेगी।
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