Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन के विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान का कथित रूप से अपहरण कर बंधक बनाने और मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जवान को जबरन एक मकान में ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और स्टाम्प पेपर पर लिखापढ़ी कराई गई। घटना के बाद जवान ने किसी तरह अपनी जान बचाई और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलते ही दुर्ग पुलिस ने जवान की तलाश शुरू की। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरजिंदर कौर (47 वर्ष) और कृष्ण कुमार सिन्हा (37 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़ित जवान विजय शील छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन रायगढ़ में पदस्थ है। जवान का एक महिला के साथ करीब 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के सिलसिले में जवान दुर्ग पहुंचा था। आरोप है कि कोतवाली के पास जाने के दौरान उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाया गया। इसके बाद जवान को पुलगांव थाना क्षेत्र के गोकुल नगर के पास स्थित एक कॉलोनी के मकान में रखा गया।
मकान में बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने जवान विजय शील को मकान में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान जवान से स्टाम्प पेपर पर जबरन लिखापढ़ी भी कराई गई। इसके बाद उसे मकान में बंधक बनाकर रखा गया। बताया जा रहा है कि जवान को पुराने लेन-देन के विवाद को लेकर प्रताड़ित किया गया। हालांकि, स्टाम्प पेपर पर क्या लिखवाया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जंगल में छिपकर जवान ने बचाई जान
जानकारी के मुताबिक, जवान किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रहा। इसके बाद उसने जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई। जवान ने अपने यूनिट के अधिकारियों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलने के बाद उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस को मामले से अवगत कराया। दुर्ग पुलिस ने रातभर जवान की तलाश की। सुबह पुलिस ने जवान को खोज निकाला।
मोबाइल से वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी लोकेशन
घटनाक्रम के दौरान जवान विजय शील ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कमांडेंट और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी लाइव लोकेशन भेजी थी। लोकेशन मिलने के बाद अधिकारियों और पुलिस को जवान की स्थिति का पता लगाने में मदद मिली। उपलब्ध विवरण में जवान के जंगल में छिपने और पुलिस द्वारा उसे खोजने की जानकारी दी गई है। वहीं मौके पर पहुंचकर छुड़ाए जाने का भी उल्लेख है। बचाव अभियान के सटीक घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है।
महिला और ड्राइवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार
जवान की शिकायत के आधार पर पुलगांव थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने हरजिंदर कौर और उसके ड्राइवर कृष्ण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अपराध क्रमांक 899/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 251, 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस जवान के साथ हुई मारपीट, कथित अपहरण और स्टाम्प पेपर पर कराई गई लिखापढ़ी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
लेन-देन और अपहरण के मामले की जांच जारी
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार महिला हरजिंदर कौर को शहर के एक ट्रांसपोर्टर की दूर की रिश्तेदार बहन बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पुलिस अब 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन और जवान को कथित रूप से बंधक बनाए जाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जवान की शिकायत के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच के बाद घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।