Saraipali. सरायपाली। महासमुंद जिले के सरायपाली में लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) के पुराने कार्यालय भवन और शासकीय भूमि पर कथित अनाधिकृत अतिक्रमण का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग उपसंभाग क्रमांक-1 रायपुर के अनुविभागीय अधिकारी ने इस मामले में तहसीलदार सरायपाली को पत्र भेजकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
विभाग की ओर से जारी पत्र में उपअभियंता भुजरंग साय पैकरा द्वारा पुराने कार्यालय भवन और शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जा, अवैध निर्माण तथा शासकीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। विभाग ने इस मामले को गंभीर बताते हुए शासकीय संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कार्रवाई की मांग की है। 20 जुलाई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा पहले भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है। मुख्य अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी स्तर से संबंधित व्यक्ति को पुराने कार्यालय भवन और शासकीय भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
विभागीय पत्र के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय सरायपाली द्वारा भी इस मामले में पूर्व में आदेश पारित किया जा चुका है। आदेश के तहत संबंधित स्थान को खाली कर विभाग को जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक शासकीय भवन और भूमि को खाली नहीं किया गया है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि संबंधित अधिकारी को दो बार लिखित निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी न तो अतिक्रमित स्थान खाली किया गया और न ही विभाग को कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। विभाग ने पत्र में उल्लेख किया है कि लगातार निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना शासकीय संपत्ति खाली करने की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
अनुविभागीय अधिकारी ने तहसीलदार सरायपाली को भेजे पत्र में न्यायालय के आदेश का पालन कराने और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शासकीय भवन और भूमि को रिक्त कराना आवश्यक हो गया है।
पत्र में तहसीलदार से आग्रह किया गया है कि वे अपने स्तर पर उचित कार्रवाई करते हुए शासकीय संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं। विभाग ने कहा है कि सरकारी जमीन और भवनों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार के अनाधिकृत कब्जे को हटाना जरूरी है।
इस मामले में अब तहसील प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। यदि प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाती है तो शासकीय भवन और भूमि को खाली कराया जा सकता है। वहीं मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। शासकीय संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है। लोक निर्माण विभाग के इस पत्र के बाद सरायपाली क्षेत्र में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय भवन और भूमि को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।