CG BREAKING: दंपति की हत्या के बाद शव जलाए गए, घर के भीतर मिले दोनों के जले शव

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

Update: 2026-07-15 13:08 GMT
Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपति के जले हुए शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड स्थित एक मकान के भीतर 65 वर्षीय मंगल राठिया और उनकी 55 वर्षीय पत्नी पुनाई बाई राठिया के शव संदिग्ध परिस्थितियों में जली हुई अवस्था में मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए हैं।

पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी मंगलवार सुबह मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव सहित पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक मंगल राठिया के यहां पिछले करीब तीन वर्षों से काम करने वाले रामलाल चौहान ने सबसे पहले घटना देखी। रामलाल ने पुलिस को बताया कि वह 14 जुलाई की शाम रोज की तरह काम खत्म कर अपने घर चला गया था। उस समय घर में केवल मंगल राठिया और उनकी पत्नी मौजूद थे। अगले दिन सुबह करीब छह बजे जब वह काम पर लौटा तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला।

रामलाल ने बताया कि घर के अंदर प्रवेश करने पर सभी कमरे खुले हुए थे। इसी दौरान एक कमरे से धुआं निकलता दिखाई दिया। जब उसने कमरे के बाहर से देखा तो अंदर मंगल राठिया का शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में जमीन पर पड़ा था। उनके पास ही उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया का भी जला हुआ शव मिला। भयभीत रामलाल ने तुरंत मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे संदिग्ध मामला माना। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पहले दंपति की हत्या की गई और बाद में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को जलाया गया या फिर घटना का कोई अन्य कारण है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और मृतकों के पारिवारिक, सामाजिक तथा आर्थिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल से मिले तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है। एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल से नमूने एकत्र किए गए हैं, जबकि डॉग स्क्वॉड की भी सहायता ली गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। धरमजयगढ़ क्षेत्र में इस वारदात के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। दिनदहाड़े नहीं बल्कि रात के समय हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस दोहरे हत्याकांड का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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