Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से प्रशासनिक महकमे में चिंता की स्थिति बन गई। पेट दर्द, उल्टी, बुखार और पेट में संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक उपचार के बावजूद बुखार बने रहने के कारण चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर उन्हें आईसीयू में रखा। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी करती रही। राहत की बात यह है कि उपचार के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ और चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी।
पेट दर्द और बुखार के बाद पहुंचे अस्पताल
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अभिजीत सिंह को बीते दिन अचानक पेट दर्द, उल्टी और बुखार की शिकायत हुई थी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने पर उन्हें दुर्ग के सरकारी जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी शुरुआती जांच की और आवश्यक उपचार शुरू किया। पेट में संक्रमण जैसे लक्षण सामने आने के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया। प्रारंभिक उपचार के बाद भी बुखार आने के कारण चिकित्सकों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया।
एहतियात के तौर पर ICU में रखा गया
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषण मिंज ने बताया कि कलेक्टर अभिजीत सिंह को पेट दर्द, बुखार और पेट में संक्रमण से जुड़ी शिकायतें थीं। उन्होंने बताया कि शुरुआती उपचार के बावजूद बुखार आने के कारण कलेक्टर को एहतियातन आईसीयू में रखा गया था। इस दौरान चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करती रही। डॉक्टरों ने आवश्यक जांच के साथ उपचार जारी रखा, ताकि उनकी स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
अस्पताल में कराई गई सोनोग्राफी
उपचार के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह की सोनोग्राफी भी कराई गई। चिकित्सकों ने पेट से जुड़ी परेशानी की जांच के लिए यह प्रक्रिया अपनाई। सिविल सर्जन के अनुसार, अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान चिकित्सकों ने उनकी स्थिति पर नजर बनाए रखी। उपचार के बाद उनकी तबीयत में पहले की तुलना में सुधार दिखाई दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करते हुए अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया। हालांकि, संक्रमण के सटीक कारण और सोनोग्राफी के निष्कर्षों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
सरकारी जिला अस्पताल में इलाज कराना बना चर्चा का विषय
कलेक्टर अभिजीत सिंह का निजी अस्पताल के बजाय सरकारी जिला अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति विश्वास के सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उनकी आवश्यक जांच और उपचार किया। जिले के प्रशासनिक प्रमुख का सरकारी अस्पताल में इलाज कराना सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को भी रेखांकित करता है।
स्वास्थ्य में सुधार के बाद मिली छुट्टी
सिविल सर्जन डॉ. आशीषण मिंज के मुताबिक, कलेक्टर की स्वास्थ्य स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। चिकित्सकीय जांच और उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। कलेक्टर के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी। हालांकि, अब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद राहत की खबर सामने आई है।