रायपुर : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई। इस बीच बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही नई मौसम प्रणाली ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल चुका है। इसके अगले कुछ घंटों में गहरे अवदाब और उसके बाद चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों के दौरान बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका व्यक्त की है।

कई इलाकों में बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश जशपुर जिले के मनोरा में दर्ज की गई, जहां 7 सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा जशपुर जिले के कुनकुरी और बलरामपुर जिले के कुसमी में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जशपुर के बगीचा में 4 सेंटीमीटर, तपकरा, सन्ना और कांसाबेल में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी तरह बलरामपुर जिले के सामरी, रायगढ़ जिले के लैलूंगा, जशपुर जिले के पत्थलगांव, बलरामपुर जिले के चांदो और जशपुरनगर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई। बलरामपुर के रामचंद्रपुर और चलगली तथा रायगढ़ जिले के मुकडेगा में 1-1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का असर अधिक रहा।

तापमान में भी उतार-चढ़ाव 

बारिश के बीच प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसम प्रणाली पर मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग की 31 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के आसपास बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। यह प्रणाली 31 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे अवदाब में बदल गई। उस समय इसका केंद्र लगभग 10.0 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 90.2 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास स्थित था। यह श्री विजयपुरम से लगभग 330 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, कार निकोबार से 300 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम, चेन्नई से 1140 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से लगभग 1200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

अगले 12 घंटों में चक्रवाती तूफान

मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि यह प्रणाली अगले 12 घंटों में और अधिक शक्तिशाली होकर गहरे अवदाब में बदल सकती है। इसके बाद अगले 12 घंटों के दौरान इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है। मौसम प्रणाली के लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, यह प्रणाली 2 नवंबर 2026 की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकती है। हालांकि चक्रवाती तूफान की वास्तविक तीव्रता और उसके प्रभाव क्षेत्र की स्थिति आगामी मौसम बुलेटिन से अधिक स्पष्ट होगी। छत्तीसगढ़ के लिए जारी पूर्वानुमान में 1 नवंबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
रायपुर बादलों से रहेगा घिरा
राजधानी रायपुर के मौसम की बात करें तो 1 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। शहर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेतों में काम करने और फसलों की कटाई तथा भंडारण से जुड़े निर्णय लेने चाहिए। बंगाल की खाड़ी में बन रही इस मौसम प्रणाली के कारण आगामी दिनों में मौसम की स्थिति में और बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का सीधा असर पड़ने या व्यापक भारी बारिश होने की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध बुलेटिन में नहीं की गई है। मौसम विभाग की आगामी चेतावनियों और ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा।
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