BSP स्क्रैप चोरी गिरोह पर दुर्ग पुलिस का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नई गिरफ्तारी के बाद अब तक इस प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले कई महीनों से योजनाबद्ध तरीके से बीएसपी से फ्लू डस्ट परिवहन के दौरान लौह स्क्रैप चोरी कर रहे थे और उसे अवैध रूप से संग्रहित कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे। मामले में पुलिस ने अब तक करीब 90 लाख रुपये मूल्य के लौह स्क्रैप सहित वाहनों और मशीनरी को मिलाकर कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
फ्लू डस्ट के साथ छिपाकर ले जाया जा रहा था स्क्रैप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स, प्लॉट क्रमांक-18, एचआईए हथखोज, भिलाई में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लौह सामग्री जमा की गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वहां कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री भरी हुई मिली। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग स्थानों पर ढेर के रूप में रखा हुआ पाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी भिलाई स्टील प्लांट से फ्लू डस्ट के परिवहन के दौरान उसमें मौजूद लौह स्क्रैप को चोरी कर रहे थे। इसके बाद चोरी की गई सामग्री को एक स्थान पर जमा कर अवैध रूप से बेचने की तैयारी की जा रही थी।
250 टन से अधिक लौह सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम, कटिंग सामग्री और अन्य स्क्रैप जब्त किया था। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे कई वाहन और मशीनरी भी पुलिस ने कब्जे में ली थी। जब्त सामान में हाईवा, ट्रक, टाटा वाहन, जेसीबी, हाईड्रा मशीन और स्क्रैप छंटाई में इस्तेमाल होने वाली मशीनें शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
दो BSP कर्मचारियों की भूमिका सामने आई
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में हिमांशु भूषण मलिक (54 वर्ष), निवासी भिलाई और मनोज कुमार देवांगन (58 वर्ष), निवासी रिसाली शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों की भूमिका मामले में सामने आने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ बीएसपी कर्मचारियों की संलिप्तता इस संगठित चोरी में रही है।
पहले भी हो चुकी है कई गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। लगातार जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने दो और आरोपियों तक पहुंच बनाई। दुर्ग पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अभी जांच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस सभी संभावित कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।
संगठित अपराध पर पुलिस की नजर
दुर्ग पुलिस ने बताया कि बीएसपी जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थान से जुड़ी चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। संगठित तरीके से किए जा रहे अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना पुरानी भिलाई पुलिस टीम, विवेचना अधिकारियों और तकनीकी सहायता देने वाले पुलिस कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने प्रभावी जांच और सतत निगरानी के जरिए मामले में लगातार सफलता हासिल की है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी, अवैध कारोबार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।