Pendra. पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और सूरज की आंख-मिचौली के बाद बुधवार दोपहर जिले में तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात से ही मौसम में ठंडक महसूस की जा रही थी। वहीं, बुधवार को दोपहर होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक जिले में भारी से अति भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। मौसम के अचानक बदले रुख को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।

दो दिनों से छाए थे बादल, बुधवार दोपहर शुरू हुई तेज बारिश
पेंड्रा सहित आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से मौसम लगातार बदल रहा था। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी और बीच-बीच में धूप भी निकल रही थी। बुधवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। लगातार बदलते मौसम के कारण क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई है। बारिश के चलते सामान्य जनजीवन और लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार वर्षा होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है।

28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 28, 29 और 30 अक्टूबर 2026 को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 28 अक्टूबर के लिए जिले में यलो अलर्ट की जानकारी सामने आई है, जबकि 29 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी होने की रिपोर्ट है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

60 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से जिले के कुछ स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा हो सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंड, मौसमी बीमारियों की आशंका
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पेंड्रा क्षेत्र में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से दिन में भी ठंडक महसूस हो सकती है। वहीं, रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ने की आशंका है। बदलते मौसम में सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी परेशानियों से बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

किसानों को फसल और पशुधन की सुरक्षा की सलाह
संभावित भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में तैयार फसलों, काटकर रखी गई उपज और खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को बारिश से नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

जिला और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए जिला और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। प्रशासन द्वारा जारी संपर्क नंबरों के माध्यम से नागरिक आपात स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

आपदा नियंत्रण कक्ष संपर्क नंबर
जिला कार्यालय 07751-221004
तहसील पेंड्रारोड 91312-47975
तहसील पेंड्रा 87700-74001
तहसील सकोला 73549-79495
तहसील मरवाही 62655-93616

प्रशासन ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तत्काल संबंधित आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। आगामी दिनों में संभावित खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
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