Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में धान की रोपाई करने गई महिला मजदूरों के साथ मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में धान की रोपाई के दौरान अचानक बिजली गिरने से जशपुर जिले की दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसा सुंदरगढ़ जिले के तलसरा थाना क्षेत्र के बालिशंकरा स्थित भाटीपाड़ा में हुआ। घटना के बाद घायल मजदूरों को तत्काल सबडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र के बरडीह और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला मजदूर धान की रोपाई के लिए ओडिशा गई थीं। इन दिनों क्षेत्र में धान की रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। सीमावर्ती इलाकों से मजदूर नियमित रूप से ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में जाकर खेतों में कृषि कार्य करते हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को भी कई महिला मजदूर भाटीपाड़ा क्षेत्र में धान की रोपाई कर रही थीं।
बताया गया कि खेत में काम करने के दौरान अचानक मौसम बदल गया। आसमान में बादल छाने के साथ बारिश शुरू हो गई और तेज गरज-चमक होने लगी। मजदूर कुछ समझ पाते, इससे पहले ही खेत के आसपास बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से चंपा तिर्की, उम्र 28 वर्ष और सुशीला तिर्की, उम्र 26 वर्ष गंभीर रूप से झुलस गईं। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे के बाद खेत में मौजूद मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर बिजली की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे में फूलकी बड़ा, सबा तिर्की और सरस्वती तिर्की सहित 20 से अधिक मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आसपास मौजूद लोगों और अन्य मजदूरों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
सभी घायलों को सबडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम उनका इलाज कर रही है। जानकारी के मुताबिक, घायलों में तीन महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन अन्य घायल महिलाओं की स्थिति फिलहाल स्थिर है। अस्पताल में घायल मजदूरों की लगातार निगरानी की जा रही है। हादसे की खबर जशपुर जिले के सीमावर्ती गांवों तक पहुंचने के बाद वहां भी चिंता का माहौल बन गया। मृतक महिलाओं के परिवारों और ग्रामीणों में शोक है। परिजन घटना की जानकारी मिलने के बाद ओडिशा की ओर रवाना हुए। दोनों महिलाओं की मौत से उनके गांव में मातम का माहौल है।
जशपुर जिले के ओडिशा सीमा से लगे तुमला और तपकरा थाना क्षेत्रों के कई गांवों से मजदूर लंबे समय से कृषि कार्य के लिए ओडिशा जाते रहे हैं। धान की रोपाई के मौसम में इन गांवों से बड़ी संख्या में मजदूर ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दिनों सीमावर्ती गांवों से मजदूरों को खेतों तक पहुंचाने के लिए प्रतिदिन करीब 10 से 15 पिकअप वाहन ओडिशा की ओर जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मजदूर समूह बनाकर पिकअप वाहनों के जरिए सुबह ओडिशा के लिए रवाना होते हैं और दिनभर खेतों में धान की रोपाई तथा अन्य कृषि कार्य करने के बाद वापस अपने गांव लौटते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर दूसरे राज्य में जाकर मौसमी कृषि कार्य करते हैं।
बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले मजदूरों के सामने आसमानी बिजली का खतरा भी बना रहता है। खुले खेतों में काम करने के दौरान अचानक मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से मौसम खराब होने और तेज गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम न करने की अपील की जाती रही है। हालांकि कृषि कार्य की मजबूरी के कारण मजदूर कई बार मौसम खराब होने के बावजूद खेतों में काम करते रहते हैं। ऐसे में समय रहते मौसम की जानकारी और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल हादसे में घायल सभी मजदूरों का सबडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी है। संबंधित प्रशासन और पुलिस घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाली चंपा तिर्की और सुशीला तिर्की के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद जशपुर और सुंदरगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में शोक का माहौल है।