शराब घोटाला : ईओडब्ल्यू रामगोपाल से कर रही पूछताछ

Update: 2026-07-11 06:07 GMT

जांच एजेंसी फरारी की अवधि के दौरान उनके ठिकानों और संपर्क की जानकारी जुटा रही

रामगोपाल वीआईपी ट्रिटमेंट के कारण मुंह नहीं खोल रहा

अपने आकाओं का नाम लेने से परहेज थर्ड डिग्री पूछताछ संभव नहीं

डायरी के राज खोलना अति आवश्यक , शराब घोटाला, कोयला घोटाला और धान घोटाला सभी का हिसाब किताब इसी डायरी में

भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने मु य मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमलावर होने का प्लान बनाया

भाजपा के लिए प्रमुख मुद्दा जिसके कारण भाजपा सरकार ने वापसी की थी उसी मुद्दे को अधिकारी लापरवाही और मिलीभगत के चलते खत्म कर रहे। महादेव सट्टा एप और रामगोपाल अग्रवाल शराब घोटाला दोनों ऐसे ही प्रमुख मुद्दे है जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी सत्ता में काबीज हुई। लेकिन भ्रष्ट कांग्रेसी विचारधारा के अधिकारियों की मिलीभगत और सहयोग से ये दोनों मामले भी फिसड्डी साबित होने वाले है। यही चर्चा प्रदेश भर जनता के बीच में चल रही है...

रायपुर (जसेरि)। प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से ईओडब्ल्यू-एसीबी की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में जांच एजेंसी उनके विदेश में रहने संबंधी तथ्यों की भी जांच कर रही है, जबकि उनके बेटे वैभव अग्रवाल ने दावा किया है कि वे छत्तीसगढ़ से बाहर नहीं गए थे। तीन साल से फरार रहे कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से कोयला, कस्टम मिलिंग और डीएमएफ घोटाला मामलों में पूछताछ शुरू हुई है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उनसे अलग-अलग मामलों के विवेचक पूछताछ कर रहे हैं। जांच एजेंसी फरारी की अवधि के दौरान उनके ठिकानों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

इसी सिलसिले में रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी पूछताछ की गई थी। वैभव ने जांच एजेंसी को बताया था कि रामगोपाल अग्रवाल कहीं बाहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में ही थे। उनका कहना था कि रामगोपाल अग्रवाल ने ज्यादातर समय धमतरी में बिताया। हालांकि जांच एजेंसी से जुड़े अफसर वैभव के बयान पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि जांच एजेंसी पहले ही रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर पर दबिश दे चुकी है। एजेंसी को संदेह है कि रामगोपाल अग्रवाल विदेश में थे और उनके दुबई में होने की भी चर्चा रही है। बताया गया कि कोयला, शराब, कस्टम मिलिंग और डीएमएफ घोटाला मामलों में उनकी संलिप्तता के आरोप हैं। कई आरोपियों से पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया है। बताया गया कि 7 जुलाई को रामगोपाल अग्रवाल ईओडब्ल्यू-एसीबी कार्यालय पहुंचे और सरेंडर किया। जांच एजेंसी ने गिर तारी की औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक ईओडब्ल्यू-एसीबी की रिमांड पर भेज दिया है। उनसे पूछताछ चल रही है। पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के वकील को उपस्थित रहने की अनुमति है।

पुलिस के पास पूरे सबूत, पूछताछ में कई खुलासों का दावा: भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिर तारी को लेकर कहा कि कांग्रेस एक भ्रष्टाचार के आरोपी को बचाने के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरे साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और जांच आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में मिश्रा ने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में अंतिम फैसला न्यायालय करेगा। मिश्रा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लेवी, राइस मिलिंग और शराब कारोबार से जुड़े पैसों के लेन-देन के रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ी है। उनके अनुसार पुलिस लंबे समय से रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कर रही थी। करीब तीन साल बाद उनकी गिर तारी हुई और अब उनसे पूछताछ की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गिर तारी से पहले तक कांग्रेस रामगोपाल अग्रवाल को अपना कोषाध्यक्ष बता रही थी, लेकिन गिर तारी के बाद पार्टी के कुछ नेता कह रहे हैं कि उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उनके समर्थन में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रही है। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इस मामले में उसका क्या रुख है।

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