Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में गिरोह से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 70 टन अवैध खैर लकड़ी और 9 वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, फर्जी दस्तावेजों और तस्करी से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच तेज कर दी गई है। मामले में मुख्य आरोपी संजय छापरिया को भी हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है।
चार राज्यों में गिरोह के ठिकानों पर दबिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, खैर लकड़ी तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान सामने आए ठिकानों पर पुलिस टीमों ने दबिश देकर नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। ओडिशा के बरगढ़ में आरोपी संजय छापरिया के घर से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं उसके सहयोगी टैक्स कंसल्टेंट के घर से 15 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में एक अन्य ठिकाने से 35 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इस तरह हालिया कार्रवाई में कुल 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी पुलिस के हाथ लगी है।
अब तक 3.61 करोड़ रुपये की नकदी बरामद
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले भी हिमाचल प्रदेश से 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। अलग-अलग चरणों में हुई कार्रवाई को मिलाकर अब तक कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। पुलिस इस रकम के स्रोत और खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार से इसके संबंध की जांच कर रही है। मामले में अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की के लिए भी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जानलेवा हमले के मामले में फरार था मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, खैर लकड़ी के कारोबार में प्रतिस्पर्धा को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में संजय छापरिया मुख्य आरोपी है। वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश करते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार से उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य ठिकानों पर कार्रवाई तेज की गई। पुलिस अब आरोपी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका के साथ-साथ अवैध खैर लकड़ी के परिवहन और आर्थिक लेनदेन से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
70 टन खैर लकड़ी और 9 वाहन जब्त
अंतरराज्यीय कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े ठिकानों से अब तक 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की है। इसके अलावा लकड़ी के परिवहन से जुड़े 9 वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी और वाहनों की बरामदगी के बाद पुलिस अवैध परिवहन से जुड़े अन्य संपर्कों की भी जांच कर रही है।
फर्जी एनओसी और बिलिंग से परिवहन का मामला
पुलिस जांच में खैर लकड़ी के परिवहन के लिए फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और बिलिंग के इस्तेमाल की बात सामने आई है। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर लकड़ी के परिवहन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अवैध लकड़ी का परिवहन किन दस्तावेजों के जरिए किया गया और इसमें किन व्यक्तियों की संलिप्तता रही।
BNS, आर्म्स एक्ट और वन अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही जब्त नकदी की कुर्की के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के नेटवर्क, नकदी के स्रोत और अवैध लकड़ी परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।