Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में साइबर ठगी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फेसबुक पर दोस्ती कर एक युवक ने ग्रामीण को एक हजार रुपये का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया और उसका एटीएम कार्ड व पासबुक अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बैंक खाते का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। पुलिस के अनुसार, संबंधित खातों में कुल 14 लाख 17 हजार 49 रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन की जानकारी सामने आई है। मामले में
कोतवाली पुलिस
ने खाताधारक सतीश कुमार भारती (54 वर्ष), निवासी द्वारिका नगर, लटोरी, जिला सूरजपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

फेसबुक पर हुई दोस्ती, बैंक खाता खुलवाने के बदले मिला 1000 रुपये का लालच
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सतीश कुमार भारती की फेसबुक के माध्यम से एक युवक से पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान युवक ने सतीश को बैंक खाता खुलवाकर देने के बदले प्रति खाता एक हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि पैसों के लालच में सतीश कुमार भारती ने अपने नाम के साथ अन्य लोगों के नाम पर भी पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाए। इसके बाद खातों को मोबाइल नंबरों से लिंक कराया गया और बैंक खातों से संबंधित एटीएम कार्ड व पासबुक दूसरे व्यक्ति को सौंप दिए गए।

बैंक खाते में हुआ 14.17 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन
मामले का खुलासा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर हुआ। पोर्टल पर पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 14 लाख 17 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा होने की जानकारी सामने आई थी। जांच में पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी के जरिए प्राप्त रकम के लेन-देन में किया गया था। पुलिस के मुताबिक, संबंधित खातों से कुल 14 लाख 17 हजार 49 रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन का पता चला है।

कोतवाली पुलिस ने खाताधारक को किया गिरफ्तार
समन्वय पोर्टल से सूचना मिलने के बाद सरगुजा कोतवाली पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक खातों की जानकारी और खाताधारक के विवरण की जांच की। इस दौरान संबंधित बैंक खाते का संबंध सतीश कुमार भारती से होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सतीश ने फेसबुक पर परिचित युवक के कहने पर बैंक खाते खुलवाने और उनके दस्तावेज सौंपने की बात बताई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अन्य व्यक्तियों के नाम पर खाते खुलवाने में भूमिका निभाई थी।

बीएनएस की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक खातों का उपयोग किन-किन साइबर अपराधों में हुआ और धोखाधड़ी से प्राप्त राशि किसके पास पहुंची। इसके अलावा फेसबुक के माध्यम से संपर्क करने वाले युवक की पहचान और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

आरोपी को जेल भेजा गया, अन्य लोगों की तलाश जारी
कोतवाली थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी सतीश कुमार भारती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। साइबर ठगी में उपयोग किए गए खातों तथा उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है।

साइबर ठगों के लिए इस्तेमाल हो रहे दूसरों के बैंक खाते
साइबर अपराधों में दूसरे व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल करना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे खातों को आमतौर पर 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। इन खातों में धोखाधड़ी से प्राप्त रकम जमा कर उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित किया जाता है या नकद निकाल लिया जाता है। इस मामले में भी पुलिस को आशंका है कि बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता न खुलवाएं और अपने एटीएम कार्ड, पासबुक, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी को न सौंपें। किसी भी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Tags: