रायपुर में स्कूली बसों की बड़ी जांच, 360 बसों का निरीक्षण, 22 में मिली खामियां

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Update: 2026-07-19 14:07 GMT
Raipur. रायपुर। स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा स्कूल बसों की सुरक्षा जांच और चालक-परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस शिविर के दौरान शहर के 38 स्कूलों की कुल 360 स्कूली बसों की तकनीकी जांच की गई। जांच में 22 बसों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियां पाए जाने पर उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 53 हजार रुपये का चालान किया गया। यह अभियान पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) डॉ. अर्चना झा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। यातायात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर स्कूल बसों की जांच, चालक-परिचालकों की क्षमता और वाहनों की तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया जाता है।
16 सुरक्षा मानकों पर हुई बसों की जांच
शिविर में स्कूल बसों की जांच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सुरक्षा दिशा-निर्देशों और मानकों के आधार पर की गई। बसों का तकनीकी परीक्षण रायपुर पुलिस की एमटी वर्कशॉप अमलेश्वर, जायका ऑटोमोबाइल, स्वराज माजदा, आयशर और फोर्स मोटर्स के विशेषज्ञ इंजीनियरों एवं मैकेनिकों द्वारा किया गया।
जांच के दौरान स्कूल बसों में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा बिंदुओं की जांच की गई। इनमें बस पर SCHOOL BUS और ON SCHOOL DUTY का स्पष्ट अंकन, बस का पीला रंग, फर्स्ट एड बॉक्स, सीट बेल्ट, फायर एक्सटिंग्विशर, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, चालक का अनुभव, चालक-परिचालक की यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड, हेल्पर की उपलब्धता, विद्यार्थियों की सूची एवं संपर्क विवरण, खिड़कियों पर ग्रिल, सुरक्षित दरवाजे, आपातकालीन नंबर, फिटनेस, परमिट, बीमा और नियमित मेंटेनेंस जैसे सुरक्षा मानकों को शामिल किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूल बसों में कुल 16 प्रमुख सुरक्षा मानकों की जांच की गई। इस दौरान 22 बसों में अलग-अलग प्रकार की कमियां सामने आईं। इन बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चालान किया गया। साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द सभी कमियों को दूर कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
बस चालकों को दिया गया अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण
शिविर के दौरान स्कूल बस चालकों को आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चालकों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की जानकारी दी। प्रशिक्षण में आग लगने पर तत्काल प्रतिक्रिया, बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया, प्रारंभिक आग पर नियंत्रण और आपातकालीन सावधानियों के बारे में बताया गया। चालकों को समझाया गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में उनकी जिम्मेदारी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चालक-परिचालकों का हुआ स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण
स्कूली बस चालकों और परिचालकों की शारीरिक क्षमता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर भी लगाया गया। इसमें नारायणा हॉस्पिटल, छत्तीसगढ़ नेत्रालय और जिला अस्पताल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने चालक-परिचालकों की जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 48 चालक-परिचालकों में उच्च रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह (शुगर) की समस्या पाई गई। वहीं 22 चालकों में दूर दृष्टिदोष की समस्या सामने आई। चिकित्सकों ने संबंधित लोगों को आवश्यक जांच और उपचार कराने की सलाह दी। शिविर में नारायणा हॉस्पिटल के डॉ. नवनीत गुप्ता (एमडी मेडिसिन), अनिल सोनवाने और उनकी टीम, छत्तीसगढ़ नेत्रालय के डॉ. रोहित यादव, डॉ. पवन यादव सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।
स्कूल बसों में लगाए गए हेल्पलाइन नंबर और पिंक पेट्रोलिंग की जानकारी
यातायात पुलिस द्वारा स्कूल बसों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यातायात हेल्पलाइन नंबर भी चस्पा किए गए। इसके अलावा स्कूल बसों में पिंक पेट्रोलिंग से संबंधित जानकारी भी प्रदर्शित की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी और अभिभावक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकें।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: यातायात पुलिस
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) रायपुर विवेक शुक्ला ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा यातायात पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उन्हें सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष स्कूल बसों का तकनीकी निरीक्षण और चालक-परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा आगे भी ऐसे निरीक्षण और जागरूकता अभियान नियमित रूप से जारी रखे जाएंगे, ताकि स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे और बच्चों की यात्रा सुरक्षित हो सके। इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्त सुरेंद्र साय पैकरा, गुरजीत सिंह, सीमा अहिरवार सहित यातायात विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस ने कहा कि सुरक्षित स्कूल परिवहन व्यवस्था बनाने के लिए ऐसे अभियान लगातार संचालित किए जाएंगे।
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