Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेटे आदित्य भगत का नाम शामिल नहीं है। आयु सीमा पूरी नहीं होने के कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद अब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 17 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 नेताओं ने
नामांकन दाखिल
किया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के चुनाव नियमों के अनुसार उम्मीदवारों की पात्रता की जांच की गई। इसी प्रक्रिया में आदित्य भगत का नामांकन अमान्य घोषित कर दिया गया। बताया गया कि युवा कांग्रेस के नियमों के अनुसार 28 मई 1990 के बाद जन्म लेने वाले उम्मीदवार ही इस चुनाव में भाग लेने के लिए पात्र हैं। आयु संबंधी निर्धारित मापदंड पूरा नहीं होने के कारण उनका नामांकन खारिज किया गया।
आदित्य भगत पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेटे हैं और उनके चुनाव मैदान से बाहर होने को कांग्रेस के राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। नामांकन निरस्त होने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष पद की लड़ाई में नए समीकरण बनने लगे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला अब मुख्य रूप से दो प्रमुख दावेदारों के बीच केंद्रित हो सकता है। इनमें शैलेंद्र बंजारे और सत्येंद्र चेलक का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, शैलेंद्र बंजारे को वर्तमान युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व मंत्री रुद्र गुरु का समर्थन मिलने की चर्चा है। वहीं दूसरी ओर सत्येंद्र चेलक के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन माना जा रहा है।
हालांकि चुनाव प्रक्रिया संगठनात्मक नियमों के तहत होगी और अंतिम फैसला युवा कांग्रेस के सदस्यों के मतदान से तय होगा। इसके बावजूद नेताओं के समर्थन और संगठन के अंदर बन रहे समीकरणों को देखते हुए इस चुनाव को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवा कांग्रेस के इस चुनाव में केवल प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ही मतदान नहीं होगा, बल्कि संगठन के कई अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए भी चुनाव कराया जाएगा। इसमें 16 प्रदेश उपाध्यक्ष, 53 प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं।
स्क्रूटनी के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जिन उम्मीदवारों के नाम वैध पाए गए हैं, उनमें सत्येंद्र चेलक, शैलेंद्र बंजारे, विनोद कश्यप (भक्कू), भावेंद्र गंगोत्री, दीक्षा पांडे, जसमीत शर्मा (सोनू शर्मा), कपिल कांत नाग, मानव देशमुख, मृदुला भास्कर, परमीत बग्गा (हनी बग्गा), प्रशांत बोकड़े, प्रीतिका विश्वकर्मा, प्रीति वैष्णव, सागर बाघमारे, सजल चंद्राकर, शालिनी रामटेके और सोनिका पोर्ते शामिल हैं। युवा कांग्रेस चुनाव को संगठन में नई ऊर्जा और नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर चुना जाने वाला नेता आने वाले समय में युवा कांग्रेस की दिशा और गतिविधियों को प्रभावित करेगा। यही वजह है कि इस चुनाव को केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर शक्ति संतुलन और नेताओं के प्रभाव की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लंबे समय से युवा नेताओं को संगठन में आगे बढ़ाने पर जोर देती रही है। ऐसे में युवा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के भविष्य के नेतृत्व निर्माण के लिए भी अहम माना जा रहा है। चुनाव परिणाम से यह साफ होगा कि युवा कांग्रेस में किस गुट का प्रभाव ज्यादा मजबूत है और आने वाले समय में संगठन की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव का असर प्रदेश कांग्रेस की आगामी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। अध्यक्ष पद पर किस नेता की जीत होती है, यह आने वाले दिनों में पार्टी के अंदर युवा नेतृत्व की भूमिका और वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव को भी तय कर सकता है। फिलहाल नामांकन जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी उम्मीदवार चुनाव प्रचार और समर्थन जुटाने में सक्रिय हो गए हैं। मतदान के बाद ही यह तय होगा कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की कमान किस नेता के हाथों में जाएगी।
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