भगवत कथा के बीच मंत्री का नाम लेने में हुई गलती, वीडियो वायरल

समर्थकों में नाराजगी, देखे VIDEO...

Update: 2026-07-10 09:43 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दौरान छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कथा में शामिल होने पहुंचे मंत्री के मंच पर स्वागत के दौरान संचालन में हुई गलती को लेकर उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार गुरुवार को देवकीनंदन महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद भागवत कथा में
कैबिनेट मंत्री
गुरु खुशवंत साहेब शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया, तो मंच संचालन कर रहे व्यक्ति द्वारा उनका नाम सही तरीके से नहीं लिया गया।


बताया जा रहा है कि संचालनकर्ता ने एक-दो नहीं बल्कि कई बार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का नाम गलत उच्चारित किया। इस दौरान मौजूद लोगों और मंत्री समर्थकों ने इस पर आपत्ति जताई। समर्थकों का कहना है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सतनामी समाज के प्रमुख चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले गुरु खुशवंत साहेब का परिचय और नाम आयोजकों को पहले से सुनिश्चित करना चाहिए था। मंत्री समर्थकों ने आरोप लगाया कि
मंच संचालन
में इस तरह की लापरवाही किसी भी सम्मानित अतिथि के प्रति उचित नहीं है। उनका कहना है कि गुरु खुशवंत साहेब किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और प्रदेश में सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में उनकी अलग पहचान है। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर बार-बार उनका नाम गलत लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

समर्थकों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उस समाज का भी अपमान है, जिससे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब आते हैं। उन्होंने आयोजन समिति से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने की मांग की है। गौरतलब है कि गुरु खुशवंत साहेब वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वे लगातार सामाजिक और
राजनीतिक गतिविधियों
में सक्रिय रहते हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर आयोजन समिति की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम का संचालन विजय शर्मा द्वारा किया जा रहा था, जिन्हें देवकीनंदन महाराज का भाई बताया जा रहा है। इसी कारण मामले को लेकर आयोजकों की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंत्री समर्थक इसे गंभीर चूक बता रहे हैं, जबकि आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
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