Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन की गुढ़ियारी पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और कथित तौर पर जबरन विवाह कराने के मामले में करीब 18 महीने से फरार चल रहे इनामी आरोपी दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों की लंबे समय से तलाश की जा रही थी और उनके खिलाफ नकद इनाम भी घोषित किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी राजेंद्र कामडे और मुंगेली निवासी लक्ष्मी यादव के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार गुढ़ियारी निवासी महिला ने 21 फरवरी 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी रात करीब तीन बजे बिना बताए घर से चली गई है। शिकायत के आधार पर गुढ़ियारी थाने में गुम इंसान दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गुढ़ियारी पुलिस ने परिजनों से पूछताछ करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बालिका की तलाश की। पुलिस ने बाद में नाबालिग को दस्तयाब कर लिया। बालिका से घटना के संबंध में पूछताछ की गई तो मामले में गंभीर आरोप सामने आए।
पुलिस के मुताबिक बालिका ने बताया कि राजेश नामक व्यक्ति उसे कथित तौर पर बहला-फुसलाकर मध्य प्रदेश के छतरपुर ले गया था। वहां उसका बाबूलाल नामक व्यक्ति से जबरदस्ती विवाह कराया गया। बालिका के बयान के आधार पर गुढ़ियारी थाने में अपराध क्रमांक 55/2025 दर्ज किया गया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2), 64, 143, 144 और 61 सहित पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इससे जुड़े लोगों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान 1 अप्रैल 2025 को बाबूलाल अहिरवार और सुषमा पटेल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने मुख्य आरोपी बताए गए राजेश यादव और उसकी पत्नी लक्ष्मी यादव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार जांच में आरोप सामने आया कि नाबालिग को कथित तौर पर एक लाख रुपये में सौंपा गया था। इसके बाद से पुलिस राजेश यादव और लक्ष्मी यादव की तलाश कर रही थी। दोनों लगातार अपना ठिकाना बदलते हुए फरार बताए जा रहे थे। पुलिस टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं लगे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से नकद इनाम की घोषणा भी की गई थी। पुलिस लगातार तकनीकी और अन्य माध्यमों से दोनों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही थी।
इसी दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों के रायपुर में मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर गुढ़ियारी पुलिस की टीम ने पतासाजी करते हुए दोनों को पकड़ लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने अपना वास्तविक नाम राजेंद्र कामडे बताया। इससे पहले उसकी पहचान राजेश यादव के नाम से की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र कामडे की उम्र 40 वर्ष है और वह ग्राम टेंडवा, थाना लांजी, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश का निवासी है। दूसरी आरोपी 34 वर्षीय लक्ष्मी यादव ग्राम पेंड्राकापा, थाना कोतवाली, जिला मुंगेली की रहने वाली है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस प्रकरण में अपहरण, नाबालिग से जुड़े यौन अपराध और जबरन विवाह सहित कई गंभीर आरोप हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना कर रही है।