बोधघाट थाने का राष्ट्रीय सम्मान, छत्तीसगढ़ का सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन बना
छग
Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले के बोधघाट थाने ने अपनी बेहतर कार्यशैली और उत्कृष्ट पुलिसिंग के दम पर पूरे छत्तीसगढ़ में नया इतिहास रच दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एनुअल पुलिस स्टेशन रैंकिंग-2025 में बोधघाट थाना प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना घोषित किया गया है। यह सम्मान बस्तर पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देशभर के पुलिस थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन विभिन्न मापदंडों के आधार पर किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत बोधघाट थाने का चयन छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतर पुलिस स्टेशन के रूप में किया गया है। इस उपलब्धि के पीछे अपराध नियंत्रण, प्रभावी जांच, जनता के साथ बेहतर समन्वय और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था को प्रमुख कारण माना गया है।
बोधघाट थाने ने अपराध नियंत्रण, एनडीपीएस यानी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई, कम्युनिटी पुलिसिंग, थाना प्रबंधन, पुलिसिंग में नवाचार और उत्कृष्ट सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया। इन्हीं मानकों पर खरा उतरने के बाद थाना को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस थानों का मूल्यांकन किया गया था। इसमें पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों की स्थिति, अपराधों पर नियंत्रण, शिकायतों के समाधान, रिकॉर्ड प्रबंधन और जनता के साथ पुलिस के संबंधों सहित कई बिंदुओं की समीक्षा की गई। बोधघाट थाना इन सभी मानकों पर बेहतर साबित हुआ और छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस थानों में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस सम्मान को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा चयनित राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया का परिणाम बताया जा रहा है। बस्तर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बस्तर रेंज और बस्तर जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। जिले के पुलिस इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी थाने को पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन का सम्मान प्राप्त हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी लीलाधर राठौड़ के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग की शुरुआत हुई थी। अपराधों पर नियंत्रण, जनता से संवाद और प्रभावी कार्रवाई की दिशा में किए गए प्रयासों ने इस सफलता की नींव तैयार की। वहीं वर्तमान थाना प्रभारी तामेश्वर चौहान और पूरे पुलिस स्टाफ की टीमवर्क ने इस उपलब्धि को आगे बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बोधघाट थाने की यह सफलता केवल एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि बस्तर पुलिस की कार्यप्रणाली में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।
पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने और विश्वास मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने के प्रयास किए गए। इसके साथ ही तकनीक के उपयोग, रिकॉर्ड प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था ने भी थाना की कार्यक्षमता को मजबूत किया। बोधघाट थाने को मिली इस राष्ट्रीय पहचान से पूरे बस्तर जिले में खुशी का माहौल है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे पूरी टीम की मेहनत का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि यह सम्मान भविष्य में और बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रेरणा देगा। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पुलिसिंग को लेकर हमेशा चुनौतियां रही हैं, लेकिन बोधघाट थाने की यह उपलब्धि बताती है कि बेहतर रणनीति, टीमवर्क और जनता के सहयोग से प्रभावी कानून व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी गौरव का विषय बन गया है।