Khairagarh. खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को त्वरित न्याय और बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले में नवीन अजाक थाने का शुभारंभ किया गया। राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव ने नए थाने का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। नए थाने की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना और उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी अजाक, जिले के समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव ने नए अजाक थाने का निरीक्षण किया और वहां पदस्थ अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आईजी अजय कुमार यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा अजाक थाना प्रारंभ करने का प्रमुख उद्देश्य समाज के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को त्वरित और उचित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कानून की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अजाक थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले प्रत्येक पीड़ित के साथ संवेदनशीलता और सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए। पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल आवश्यक जांच और वैधानिक कार्रवाई की जाए। संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर कानून के प्रावधानों के अनुसार समय पर एफआईआर दर्ज करना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही मामलों की विवेचना निष्पक्षता और गंभीरता के साथ पूरी की जाए। पुलिस महानिरीक्षक ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में विवेचना शीघ्र पूरी कर निर्धारित समयसीमा के भीतर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को 60 दिवस के भीतर चालान पेश करने के निर्देश दिए गए।
आईजी ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए केवल प्रकरण दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना और समय पर न्यायालयीन कार्रवाई भी आवश्यक है। जांच में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से प्रकरणों की समीक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के पुलिस अधीक्षक ने भी नए अजाक थाने के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने थाना स्तर पर बेहतर समन्वय, शिकायतों के त्वरित निराकरण और पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
नवीन अजाक थाने के शुरू होने से जिले के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को संबंधित अपराधों की शिकायत दर्ज कराने और न्यायिक प्रक्रिया में सहायता प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी। पुलिस प्रशासन ने नए थाने के माध्यम से पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, प्रभावी विवेचना और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि कानून के अनुरूप कार्य करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाना नए अजाक थाने की प्रमुख प्राथमिकता रहेगी।