छत्तीसगढ़ BJP में सियासी हलचल! विधायकों की शिकायतों पर हुआ मंथन; स्मृति ईरानी ने दी सुधार की नसीहत
पूर्व सांसदों ने उठाए सवाल
रायपुर : छत्तीसगढ़ भाजपा में सरकार और संगठन के बीच तालमेल को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय रायपुर दौरे के दौरान कुछ मंत्रियों के कामकाज से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा सामने आया है। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कुछ मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। सोमवार को मंत्रियों के साथ हुई बैठक में इन शिकायतों पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, स्मृति ईरानी ने संबंधित मंत्रियों से विभागीय कामकाज और संगठन के साथ समन्वय को लेकर चर्चा की। यह भी दावा किया जा रहा है कि तीन से चार मंत्रियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत दी गई है। हालांकि, किन मंत्रियों को यह निर्देश दिया गया और शिकायतें किस विषय से संबंधित थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व सांसदों और विधायकों ने उठाए मंत्रियों के कामकाज पर सवाल
प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी ने रायपुर प्रवास के दौरान पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ हुई चर्चा में कुछ मंत्रियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी सामने आई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों का मुद्दा भी उठाए जाने की जानकारी है। इन बैठकों के माध्यम से प्रदेश प्रभारी ने सरकार और संगठन की मौजूदा कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक लिया।
मंत्रियों के साथ बैठक में शिकायतों पर चर्चा
सोमवार, 26 अक्टूबर को स्मृति ईरानी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक की। बताया गया कि इस दौरान विभागीय कामकाज और प्राप्त शिकायतों को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों का दावा है कि प्रदेश प्रभारी ने मंत्रियों को कार्यकर्ताओं और संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने तथा कार्यशैली में सुधार करने का संदेश दिया। इस दौरान तीन से चार मंत्रियों को विशेष रूप से कामकाज में सुधार लाने के लिए कहे जाने की चर्चा है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इसे पार्टी की आधिकारिक चेतावनी या किसी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार और पार्टी संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से इन बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्मृति ईरानी ने प्रदेश प्रभारी के रूप में अपने दौरे के दौरान विधायकों, सांसदों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठकों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका, सरकार की योजनाओं और जनप्रतिनिधियों के कामकाज जैसे मुद्दों पर मंथन हुआ। पार्टी नेतृत्व का जोर सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाने पर रहा।
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा
प्रदेश भाजपा प्रभारी के दौरे को वर्ष 2028 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकों के जरिए संगठन की स्थिति का आकलन किया गया। बैठकों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक उनकी जानकारी पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिए जाने की खबर है।
दो दिन में आधा दर्जन से अधिक बैठकें
स्मृति ईरानी ने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आधा दर्जन से अधिक बैठकें कीं। इन बैठकों में पार्टी के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों से संगठन के कामकाज का फीडबैक लिया गया। रविवार को संगठन के अलग-अलग नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद सोमवार को भी बैठकों का दौर जारी रहा।
सोमवार देर शाम दिल्ली रवाना हुईं स्मृति ईरानी
दो दिवसीय दौरे और बैठकों के बाद प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी सोमवार देर शाम रायपुर से दिल्ली रवाना हो गईं। एयरपोर्ट पर प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी और रायपुर के विधायक मौजूद थे। उनके इस दौरे के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। विशेष रूप से कुछ मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर कथित शिकायतें सामने आने और सुधार की नसीहत दिए जाने की खबरों ने संगठन के भीतर चर्चा बढ़ा दी है।
मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल मंत्रियों के कामकाज को लेकर सामने आई शिकायतों और कथित हिदायतों के संबंध में पार्टी की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ भाजपा में दो दिवसीय बैठकों के बाद अब सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल तथा कार्यकर्ताओं की शिकायतों के समाधान को लेकर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।