Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कपड़ा कारोबारी के साथ हुई 53 लाख रुपये की सनसनीखेज उठाईगिरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास हुई इस वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी की रकम को अपने घर में गीजर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखा था। पुलिस ने दोनों के कब्जे से पूरे 53 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं और तीन बैंक खाते फ्रीज कराए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 54 लाख रुपये बताई गई है।

पान खाने रुका कारोबारी, एक्टिवा से गायब हो गए 53 लाख
पुलिस के अनुसार, शैलेंद्र नगर निवासी किशोर बलवानी की पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे किशोर बलवानी अपने घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। उन्होंने सफेद कपड़े के बैग में नकदी रखकर एक्टिवा के सामने वाले पायदान पर रखा था। करीब 11:45 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेला पर रुके। एक्टिवा खड़ी कर पान खाने गए और वापस लौटे तो नकदी से भरा बैग गायब था। घटना की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने अपराध क्रमांक 535/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।

एक सप्ताह तक कारोबारी की करते रहे रेकी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। दोनों आरोपी कारोबारी के घर से दुकान आने-जाने के समय और रास्तों की जानकारी जुटा रहे थे। वारदात वाले दिन भी उन्होंने कारोबारी का पीछा किया। जैसे ही कारोबारी पान खाने दुकान में गया, आरोपियों ने मौका पाकर एक्टिवा से नकदी भरा बैग उठाया और फरार हो गए।

हजारों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में बिना नंबर प्लेट वाली पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने आरोपियों के भागने वाले संभावित रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे। इसके अलावा वे ऐसे रास्तों से गुजर रहे थे, जहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी नहीं थी।

गीजर और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखे थे लाखों रुपये
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा की पहचान कर दोनों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर घरों में छिपाई गई नकदी बरामद की गई। आरोपियों ने रकम को गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाया था। पुलिस ने कुल 53 लाख रुपये नकद बरामद किए। आरोपियों द्वारा रकम का कुछ हिस्सा तीन बैंक खातों में जमा कराए जाने की जानकारी भी सामने आई, जिसके बाद खातों को फ्रीज कराया गया।

दोनों आरोपियों का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष यदु (39 वर्ष), निवासी सेक्टर-2, डीडी नगर और कमलेश कुशवाहा (36 वर्ष), निवासी टाटीबंध, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मनीष यदु के खिलाफ पहले भी मारपीट और जुआ एक्ट के मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2012 में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। वहीं, कमलेश कुशवाहा पूर्व में मारपीट के प्रकरण में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 53 लाख रुपये की चोरी का खुलासा करने में सफलता हासिल की है।
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