छत्तीसगढ़ प्रभारी बनी स्मृति ईरानी, कांग्रेस के पोस्टर पर अरुण साव का पलटवार
छग
Raipur. रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी नियुक्त किया है। स्मृति ईरानी को हरियाणा की जिम्मेदारी भी दी गई है। स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर उन पर और भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस ने गैस सिलेंडर की कीमतों सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सवाल किए। कांग्रेस की ओर से जारी एक पोस्टर में 500 रुपये के गैस सिलेंडर के मुद्दे को भी उठाया गया।
कांग्रेस के इस हमले पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने स्मृति ईरानी के राजनीतिक सफर और अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ उनकी 2019 की चुनावी जीत का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके प्रदेश प्रभारी बनने से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में डर दिखाई दे रहा है। साव ने कहा कि कांग्रेस को स्मृति ईरानी के नाम से डर है और उनकी नियुक्ति के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं इसी का परिणाम हैं। अरुण साव ने कहा कि स्मृति ईरानी अनुभवी, सक्रिय और संघर्षशील राजनेता रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है और उनके पास संगठन एवं सरकार में काम करने का लंबा अनुभव है। साव के मुताबिक, ऐसे अनुभवी नेता के छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी बनने से प्रदेश संगठन को मजबूती मिलेगी और सरकार के कामकाज में भी उनका अनुभव उपयोगी होगा।
स्मृति ईरानी की नियुक्ति भाजपा के देशव्यापी संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है। पार्टी ने 23 सितंबर को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी घोषित किए थे। छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी को प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदेश में आगामी निकाय चुनावों को लेकर भी सियासी गतिविधियां तेज हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भाजपा ऐसा राजनीतिक दल है जो हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहता है और लगातार जनता के बीच काम करता है। उन्होंने दावा किया कि 15 निकायों में होने वाले चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।
साव ने आगामी निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर भी विश्वास जताया। उनका कहना है कि राज्य की जनता ने भाजपा सरकार का काम देखा है और पार्टी अपने कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। चुनावी परिणाम को लेकर उनका दावा भाजपा का राजनीतिक आकलन है। वहीं कांग्रेस की ओर से स्मृति ईरानी की नियुक्ति के तुरंत बाद पोस्टर के जरिए हमला किए जाने से साफ है कि प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर शुरू हो गया है। एक तरफ कांग्रेस महंगाई और पुराने राजनीतिक बयानों को मुद्दा बना रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा स्मृति ईरानी के राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक भूमिका को सामने रखकर जवाब दे रही है। अब स्मृति ईरानी की नई संगठनात्मक जिम्मेदारी के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा की रणनीति और आगामी निकाय चुनावों में उनकी भूमिका पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।