Rajnandgaon. राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने डोंगरगढ़ थाना का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, विभिन्न शाखाओं और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया तथा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा किए गए निरीक्षण में थाना परिसर की व्यवस्थाओं के साथ-साथ मालखाना, हवालात, सीसीटीएनएस कक्ष, शस्त्रागार और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया गया।
इसके अलावा अपराध एवं शिकायत रजिस्टर, मर्ग प्रकरण, गुम इंसान रिपोर्ट, समन-वारंट सहित अन्य अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना क्षेत्र में दर्ज लंबित अपराधों और शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए और गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा न्यायालय से जारी समन एवं वारंट की समय पर तामीली करने के निर्देश दिए।
महिला और बाल अपराधों में संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश
एसपी अंकिता शर्मा ने महिला एवं बाल अपराधों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्राथमिकता देने और आम नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से पालन कराने, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस जवानों को गोल्डन ऑवर का महत्व समझाते हुए दुर्घटना पीड़ितों की मदद में तेजी लाने के निर्देश दिए।
थाना व्यवस्था और अनुशासन पर भी फोकस
पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, शासकीय संपत्तियों के बेहतर रखरखाव और अभिलेखों को व्यवस्थित तरीके से संधारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन बनाए रखने तथा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होना चाहिए। इसके लिए पुलिस कर्मियों को आम लोगों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाना होगा। निरीक्षण के दौरान एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक, थाना प्रभारी निरीक्षक भूषण चंद्राकर सहित थाना डोंगरगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।