Dhamtari. धमतरी। अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों, राजपत्रित अधिकारियों तथा विभिन्न शाखा प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, अपराधों की स्थिति, विवेचना की प्रगति, लंबित मामलों, डिजिटल पुलिसिंग और पुलिस संसाधनों के बेहतर उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग का आधार त्वरित कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान 31 जुलाई 2026 की स्थिति में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लंबित अपराधों की वर्षवार और अपराध शीर्षवार समीक्षा की गई। एसपी ने प्रत्येक लंबित प्रकरण की वर्तमान स्थिति, विवेचना में आ रही समस्याओं और देरी के कारणों की जानकारी संबंधित विवेचकों से ली। उन्होंने 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। एसपी भावना पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकरण की विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, दस्तावेजी प्रक्रिया को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण जांच के माध्यम से न्यायालय में मामलों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही लंबित चालान, मर्ग प्रकरण, गुम इंसान, शिकायतों, विभागीय जांच और प्राथमिक जांच की भी समीक्षा की गई।
बैठक में फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। एसपी ने समंस और वारंटों की तामीली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों और गुंडा बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और शांति व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की गई। 1 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की गई लघु एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, बाउंड ओवर प्रक्रिया और अन्य कानून व्यवस्था संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली गई। एसपी ने थाना स्तर पर शांति समिति, सड़क सुरक्षा समिति और महिला कमांडो की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
क्राइम मीटिंग में तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। एसपी ने CCTNS, E-Sign FIR, E-Sign Challan, E-साक्ष्य, E-FSL, e-Prosecution, Cri-MAC, DG/IG Dashboard सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों की पहचान, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और मामलों के जल्द निराकरण में तेजी लाई जाए। इसके अलावा 10 मिनट, त्रिनयन, सक्षम, E-DAR/IRAD, ICJS, CEIR, ITSSO, JCTS और NETGRID जैसे तकनीकी संसाधनों के उपयोग की भी समीक्षा की गई। एसपी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग से अपराधों की जांच को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की गई। एसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का समय-सीमा के भीतर गंभीरता से पालन किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। थानों में उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी एसपी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थाना और चौकी में लगे CCTV कैमरे हमेशा चालू स्थिति में रहने चाहिए। रिकॉर्डिंग की नियमित जांच की जाए ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में इनका उपयोग किया जा सके। साथ ही शासकीय वाहन, वायरलेस सेट, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अपराध रोकथाम के साथ आम जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत करने के लिए व्यवहार में संवेदनशीलता और कार्यवाही में तेजी जरूरी है। क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, डीएसपी भानू प्रताप चंद्राकर, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे। इसके अलावा साइबर थाना प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी, कंट्रोल रूम प्रभारी, यातायात प्रभारी और पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों और पुलिसिंग गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के अंत में एसपी भावना पांडेय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्राइम मीटिंग में दिए गए निर्देशों का पालन निर्धारित समय सीमा में किया जाए और अगली समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित हों।