Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। रजगामार थाना क्षेत्र के डुमरडीह जंगल के पास तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी सवार पिता और उनके 6 वर्षीय बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान ग्राम मौहार निवासी चैत राम राठिया और उनके 6 वर्षीय बेटे दिशांत राठिया के रूप में हुई है। हादसे में चैत राम की पत्नी सुमित्रा राठिया गंभीर रूप से घायल हुई हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रजगामार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय कार काफी तेज रफ्तार में थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार में सवार युवक कथित रूप से शराब के नशे में थे और लापरवाही से वाहन चला रहे थे। तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और सामने से आ रही स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और काफी दूर जाकर एक नाले में जा फंसी। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को मदद पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चैत राम राठिया और उनके बेटे दिशांत की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घायल सुमित्रा राठिया को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ICU में भर्ती किया है। पुलिस ने कार चालक और अन्य सवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वाहन चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार और शराब सेवन जैसे सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। बताया जा रहा है कि चैत राम राठिया अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में चार बच्चे हैं। पिता और सबसे छोटे बेटे की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए जाएं। खासकर जंगल और सुनसान क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पुलिस निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। कोरबा जिले में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने जैसी लापरवाहियां कई परिवारों को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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