सड़कों पर आवारा मवेशियों का कब्जा, बारिश में हादसे का बढ़ा खतरा

छग

Update: 2026-08-09 18:27 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। शहर में बरसात के मौसम के बीच सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा एक बार फिर गंभीर समस्या बनकर सामने आया है। अंबिकापुर के व्यस्त बिलासपुर मार्ग की सामने आई तस्वीरें शहर की यातायात व्यवस्था और मवेशियों की समस्या की जमीनी स्थिति को उजागर कर रही हैं। सड़क के बीचों-बीच दर्जनों मवेशी बैठे दिखाई दे रहे हैं। बारिश और अंधेरे के बीच सड़क पर बैठे इन मवेशियों के कारण किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी हुई है। बिलासपुर मार्ग अंबिकापुर के प्रमुख और
व्यस्ततम मार्गों
में शामिल है। यहां दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के बीच मवेशियों का बैठे रहना वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन रहा है। अचानक सामने मवेशी दिखाई देने पर वाहन चालकों को तेज ब्रेक लगाना पड़ता है या उनसे बचने के लिए वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण ऐसी स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है।

सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। बाइक और स्कूटर सवारों के सामने अचानक मवेशी आ जाने पर उन्हें वाहन संभालने में मुश्किल होती है। मवेशियों से बचने के प्रयास में दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर गिर सकते हैं। पीछे से आ रहे वाहन की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है। खासकर रात के समय जब सड़क पर रोशनी कम होती है, तब काले या गहरे रंग के मवेशी दूर से आसानी से दिखाई नहीं देते। बड़े वाहनों के लिए भी सड़क पर बैठे मवेशी परेशानी का कारण बन रहे हैं। सड़क के बीचों-बीच कई मवेशियों के बैठे होने से वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। वाहन चालकों को अपनी लेन बदलनी पड़ती है, जिससे सामने या पीछे से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के दौरान यह जोखिम और गंभीर हो जाता है क्योंकि सड़क पर वाहन फिसलने की संभावना भी बनी रहती है।

चिंता की बात यह है कि सड़क पर आवारा मवेशियों के कारण केवल इंसानों की जान ही खतरे में नहीं रहती, बल्कि खुद मवेशियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मवेशी घायल हो सकते हैं या उनकी मौत हो सकती है। ऐसे हादसों में वाहन चालक और मवेशी दोनों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। शहर के लोगों का कहना है कि यह समस्या किसी एक सड़क तक सीमित नहीं है। अंबिकापुर के कई अन्य प्रमुख मार्गों और व्यस्त इलाकों में भी आवारा मवेशियों के सड़क पर बैठे या घूमते रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। दिन के समय तो वाहन चालक किसी तरह मवेशियों को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात और बारिश के समय स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है।

कई मार्गों पर यही हाल, फिर भी कार्रवाई के दावे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंबिकापुर शहर में सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम की ओर से समय-समय पर मवेशियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाने की बात कही जाती है। निगम अधिकारियों की ओर से भी प्रमुख मार्गों पर घूमने वाले मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि, सड़क पर दिखाई दे रही मौजूदा तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है। लोगों का सवाल है कि यदि नियमित रूप से मवेशियों की धरपकड़ की जा रही है, तो शहर के व्यस्ततम मार्गों पर बड़ी संख्या में मवेशी सड़क के बीचों-बीच कैसे पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि केवल अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है।

बरसात के दिनों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो जाती है। बारिश के कारण कई बार मवेशी सड़क के बीच या किनारे बैठ जाते हैं। रात के समय वाहन की हेडलाइट में भी उन्हें समय रहते पहचानना मुश्किल होता है। ऐसे में यदि कोई वाहन तेज गति से आ रहा हो और अचानक सामने मवेशी दिखाई दे जाए तो चालक को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इससे गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है। शहरवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी और प्रभावी धरपकड़ अभियान चलाया जाए। साथ ही पकड़े गए मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि वे दोबारा सड़कों पर न पहुंच सकें।

लोगों का कहना है कि यातायात सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है। प्रशासन और नगर निगम को भी सड़क सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। बिलासपुर मार्ग जैसे व्यस्त मार्गों पर विशेष निगरानी रखकर सड़क पर मवेशियों के जमावड़े को रोकना जरूरी है। बरसात के दौरान रात में अतिरिक्त निगरानी और कार्रवाई होने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल बिलासपुर मार्ग पर सड़क के बीच बैठे मवेशियों की तस्वीर ने शहर की यातायात व्यवस्था और आवारा मवेशियों की समस्या को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस समस्या के समाधान के लिए केवल अभियान चलाने तक सीमित रहता है या जमीन पर प्रभावी और स्थायी व्यवस्था लागू करता है।
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