तहसीलदार का रीडर 10 हजार की रिश्वत लेते ACB के हत्थे चढ़ा

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Update: 2026-06-30 16:38 GMT
Kondagaon. कोंडागांव। जिले के फरसगांव तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नामांतरण प्रकरण में नाम जोड़ने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में की गई है। गिरफ्तारी के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला ग्राम पाटला के निवासी बिसुलाल नेताम की शिकायत से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता
ने ACB को बताया था कि उनके पिता और बुआ का नाम नामांतरण रिकॉर्ड में जोड़ने के लिए तहसीलदार का रीडर मुकेश रंगारी 70 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत के बाद ACB ने मामले की प्रारंभिक जांच और सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता पहले ही आरोपी को दो किस्तों में कुल 35 हजार रुपये दे चुका था। इसमें पहली किस्त 15 हजार रुपये और दूसरी किस्त 20 हजार रुपये शामिल थी। इसके बाद आरोपी द्वारा तीसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जब शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की राशि ली जा रही थी, तभी पहले से तैयार ACB टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी मुकेश रंगारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की गई और रिश्वत की रकम भी जब्त कर ली गई।
ACB अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी योजना के तहत की गई थी। टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया और मौके पर निगरानी रखते हुए आरोपी को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी चंद्रशेखर ध्रुव ने बताया कि शिकायत के आधार पर पहले सत्यापन किया गया और फिर विधिवत ट्रैप कार्रवाई की गई। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत विशेष न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।
डीएसपी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में अभी तक किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है और यदि आगे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद तहसील कार्यालय में कामकाज प्रभावित हुआ और कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल रहा। ACB की इस कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का संदेश गया है।
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