Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक लेकर पिछड़ा वर्ग समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सदस्य यशवंत सिंह, नीलाम्बर नायक, बलदाऊ राम साहू, हरिशंकर यादव तथा आयोग के सचिव अमित श्रीवास्तव उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग अध्यक्ष ने केंद्र एवं राज्य शासन की संचालित योजनाओं में पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों की सहभागिता, लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या तथा विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
श्री विश्वकर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का मुख्य उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करना है। आयोग समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पिछड़ा वर्ग समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, स्वरोजगार एवं उद्योग स्थापना से संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने, बैंक ऋण, अनुदान एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
बैठक में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, उद्योग विभाग, कौशल विकास, आदिवासी विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी गतिविधियों के माध्यम से समुदाय की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना शासन की प्राथमिकता है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आयोग को जिले में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा आश्वस्त किया कि पात्र पिछड़ा वर्ग हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए हितग्राही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है और सभी विभाग इस दिशा में संवेदनशीलता एवं सक्रियता के साथ कार्य करें।