Bilaspur. बिलासपुर। जिला न्यायालय परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक के साथ अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेशी के बाद एक बंदी को लॉकअप ले जाते समय उसे सिगरेट और माचिस देने से रोकने पर दो अज्ञात महिलाओं ने आरक्षक से विवाद किया और कथित रूप से धमकी दी। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार बंजारा की ड्यूटी जिला न्यायालय परिसर में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगी थी। शनिवार को वह बंदी आशीष लारेंस को पेशी के बाद कोर्ट परिसर से वापस लॉकअप की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने बंदी को सिगरेट और माचिस देने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आरक्षक ने युवक को ऐसा करने से रोक दिया। पुलिस का कहना है कि न्यायालय परिसर में बंदियों तक किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित या आपत्तिजनक सामग्री पहुंचाना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है।
रोकने पर महिलाओं ने किया विवाद
बताया जा रहा है कि आरक्षक द्वारा युवक को रोकने के बाद मौके पर मौजूद दो महिलाएं नाराज हो गईं और आरक्षक से बहस करने लगीं। आरोप है कि दोनों महिलाओं ने आरक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे धमकी भी दी। आरक्षक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को दी और मामले से अवगत कराया।
सीजेएम के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद सीजेएम के निर्देश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों अज्ञात महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 121(1), 296, 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर महिलाओं की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
कोर्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर सतर्कता
जिला न्यायालय परिसर में बंदियों की पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बंदियों तक किसी भी तरह की सामग्री पहुंचाने की कोशिश सुरक्षा में बड़ी चूक का कारण बन सकती है। इसी वजह से ड्यूटी पर तैनात जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाते हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।