Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हो गया। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित होटल स्टार इन में आयोजित प्रार्थना सभा की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इस दौरान होटल परिसर में विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

होटल में बुक थे 15 कमरे, करीब 40 लोग थे मौजूद
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित होटल स्टार इन में करीब 15 कमरे बुक कराए गए थे। इन कमरों में कोरबा जिले के लाफा, पाली और कटघोरा क्षेत्र से आए लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि होटल के कमरों की बुकिंग जॉन मसीह के नाम से कराई गई थी। होटल में ठहरे लोगों में करीब 10 हिंदू परिवारों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। होटल में प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की सूचना मिलने के बाद धर्मांतरण की आशंका जताई गई। इसकी जानकारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली, जिसके बाद वे होटल पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद लोगों से प्रार्थना सभा और उनके होटल में ठहरने के उद्देश्य को लेकर सवाल किए।



बजरंग दल के पहुंचते ही बढ़ा विवाद
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के होटल पहुंचने के बाद परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान मौजूद लोगों ने घटनाक्रम के वीडियो भी बनाए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम और मारपीट की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का आरोप
बजरंग दल प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी से जुड़े लोगों द्वारा प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि मानिकपुर क्षेत्र में इंडियन प्रेयर चर्च (आईपीसी) के माध्यम से भी धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राणा मुखर्जी के इन आरोपों के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, धर्मांतरण या किसी प्रकार का प्रलोभन दिए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। केवल प्रार्थना सभा आयोजित होना अपने आप में अवैध धर्मांतरण का प्रमाण नहीं है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि होटल में आयोजित कार्यक्रम का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

बिना पहचान पत्र के लोगों को ठहराने का भी आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच होटल प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि होटल में कुछ लोगों को बिना पहचान पत्र के ठहराया गया था। हालांकि, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब होटल के कमरों की बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड, ठहरे हुए लोगों की पहचान और आयोजन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि होटल में कितने लोग मौजूद थे और किन परिस्थितियों में विवाद शुरू हुआ।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ पहुंचे
होटल में हंगामे की सूचना मिलते ही सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस प्रार्थना सभा, धर्मांतरण के आरोपों और मारपीट से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है। वायरल वीडियो की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है, ताकि विवाद की शुरुआत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मामले में किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। इस घटना के बाद होटल में प्रार्थना सभा के आयोजन और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि होटल में वास्तव में क्या हुआ था और मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार था।
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