Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पथरीपारा स्थित डेंगूनाला में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर से रविवार को इलाके में हड़कंप मच गया। व्हाट्सएप ग्रुप पर एक कथित मगरमच्छ की फोटो वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर नाले के आसपास व्यापक तलाश अभियान चलाया, लेकिन काफी देर तक खोजबीन के बावजूद मगरमच्छ का कोई सुराग नहीं मिला। ऐसे में अब वायरल फोटो और सूचना को लेकर अफवाह होने की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पथरीपारा के कुछ युवक डेंगूनाला में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान उन्होंने नाले में मगरमच्छ देखने का दावा किया। युवकों ने कथित तौर पर उसकी एक तस्वीर भी खींची और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर दिया। देखते ही देखते यह फोटो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई।
फोटो वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मगरमच्छ देखने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग डेंगूनाला की ओर पहुंचने लगे। कई लोग वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए मौके पर जुट गए। स्थिति को देखते हुए वन विभाग को भी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की आरसीआरएस (रेस्क्यू) टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने नाले और आसपास के क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया। संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की गई, लेकिन घंटों की खोजबीन के बावजूद मगरमच्छ का कोई निशान नहीं मिला।
रेस्क्यू टीम के सदस्य अविनाश यादव ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिली थी। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने भी मगरमच्छ देखने का दावा किया था। इसी आधार पर पूरे क्षेत्र में तलाश की गई, लेकिन किसी भी स्थान पर मगरमच्छ नहीं मिला। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वायरल तस्वीर वास्तव में डेंगूनाला की है या किसी अन्य स्थान की। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें भी मगरमच्छ की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के जरिए ही मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने काफी देर तक आसपास देखा, लेकिन किसी को भी मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया। कुछ लोगों का मानना है कि वायरल फोटो किसी दूसरे स्थान की हो सकती है या फिर उसे एडिट कर लोगों के बीच भ्रम फैलाया गया हो।
हालांकि कुछ ग्रामीणों ने यह भी संभावना जताई कि हाल के दिनों में हुई भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया था। ऐसे में यह संभव है कि कोई मगरमच्छ पानी के तेज बहाव के साथ इस क्षेत्र तक पहुंच गया हो। लेकिन वन विभाग को मौके पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट खबरों और तस्वीरों पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने की सूचना मिलने पर सीधे वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। साथ ही, ऐसी खबरों के कारण अनावश्यक रूप से भीड़ न जुटाएं, क्योंकि इससे रेस्क्यू कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है और लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
वन विभाग ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में क्षेत्र में किसी वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डेंगूनाला और आसपास के क्षेत्र पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सूचनाओं की सत्यता जांचे बिना उन्हें साझा करना लोगों में अनावश्यक दहशत फैला सकता है। इसलिए प्रशासन और वन विभाग ने नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।