पणजी: गोवा में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और 37°C से ऊपर पहुंच चुके तापमान को देखते हुए, शिक्षा विभाग मौसम की स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है। विभाग स्कूलों के लिए एक एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रहा है, ताकि छात्रों को गर्मी के असर से बचाया जा सके।
राज्य सरकार ने गर्मी की स्थिति पर नज़र रखने के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस पैनल में शिक्षा निदेशक भागीरथ शेट्ये भी शामिल हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर हीटवेव (लू) के दौरान स्कूलों को बंद करने जैसे फैसले लेने में मदद करेंगे।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गोवा के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है और हीटवेव जैसी स्थिति बनने की चेतावनी दी है। इस बीच, कई स्कूलों ने एहतियाती कदम उठाते हुए बाहरी गतिविधियों (आउटडोर एक्टिविटीज) को रोक दिया है।
'द गोअन' से बातचीत में शेट्ये ने कहा कि विभाग मौसम की मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और हालात के हिसाब से उचित कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, "अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम स्कूलों के लिए एक एडवाइजरी जारी करेंगे। इसमें छात्रों की सुरक्षा और भलाई को सबसे ऊपर रखा जाएगा।"
गुरुवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने टास्क फोर्स की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में IMD ने बताया कि तापमान अभी कुछ और दिनों तक सामान्य से अधिक रह सकता है, साथ ही कुछ जगहों पर बारिश होने का भी अनुमान है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार आगे के कदम उठाने से पहले सभी पहलुओं पर विचार कर रही है, खासकर इसलिए क्योंकि अभी सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं चल रही हैं।
सूत्रों ने बताया कि कुछ स्कूलों ने पहले ही बाहरी गतिविधियों को रोककर एहतियाती कदम उठाए हैं और इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दे दी है। साथ ही, छात्रों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने (हाइड्रेटेड रहने) की सलाह भी दी जा रही है।
लंबे समय तक तेज़ गर्मी में रहने से उन छात्रों के स्वास्थ्य को जोखिम हो सकता है जो कई घंटों तक क्लास में रहते हैं। यह ख़तरा तब और बढ़ जाता है जब छात्र बाहरी शारीरिक शिक्षा (PE) कक्षाओं, खेल गतिविधियों, स्कूल असेंबली या खुले में होने वाले अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।
चूंकि तापमान अभी भी ऊंचा बना हुआ है, इसलिए सरकार के अगले कदमों पर सबकी नज़र रहेगी। मौसम के हालात कैसे बदलते हैं, इसके आधार पर सरकार कोई औपचारिक एडवाइजरी जारी कर सकती है या अन्य एहतियाती कदम उठा सकती है।