पणजी। गोवा में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रविवार, 18 अक्टूबर को पार्टी की 'गोय राखोन' यानी 'गोवा बचाओ यात्रा' में शामिल होंगे। इस दौरान वह मडगांव में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कांग्रेस की यह यात्रा 22 सितंबर से चल रही है और इसका उद्देश्य राज्य में पार्टी के जनसंपर्क अभियान को मजबूत करना है। राहुल गांधी ने यात्रा में शामिल होने की घोषणा करते हुए गोवा की भाजपा सरकार पर जमीन, रोजगार, भ्रष्टाचार और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में भाजपा सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा में जमीन, धन, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुई हैं। राहुल गांधी ने कहा कि गोवा की पहचान, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए वह इस यात्रा में शामिल होंगे। हालांकि, उनके आरोपों को भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनकी स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत जानकारी में नहीं हुई है।
दोपहर 3:30 बजे यात्रा में शामिल होंगे राहुल गांधी
कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी रविवार दोपहर 3:30 बजे कैलकोंडा स्थित दैवज्ञ भवन के पास यात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद यात्रा मडगांव के डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम पहुंचेगी, जहां समापन कार्यक्रम और जनसभा आयोजित की जाएगी।गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर के अनुसार, यह यात्रा करीब 28 दिनों से चल रही है और राज्य के सभी 40 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करती है। कांग्रेस ने अभियान के दौरान भूमि संरक्षण, पर्यावरण, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, सार्वजनिक सुरक्षा और गोवा की सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों को उठाया है।
राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए गोवा में 15 वर्षों के शासन को कुशासन और लूट का दौर बताया। उन्होंने जमीन, पैसे, नौकरियों, विधायकों और वोटों की कथित चोरी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में कहा कि गोवा बिकाऊ नहीं है और राज्य वहां के लोगों का है।उन्होंने लोगों से यात्रा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि गोवा की पहचान और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है।विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित विवादों पर संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक जांच तथा निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
2022 में भाजपा ने जीती थीं 20 सीटें
गोवा विधानसभा में कुल 40 सीटें हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 20 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिली थीं। भाजपा बहुमत के लिए आवश्यक 21 सीटों से एक सीट पीछे थी, लेकिन सहयोगियों और समर्थन के आधार पर सरकार बनाने में सफल रही।अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी की प्रस्तावित भागीदारी इसी अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस नेतृत्व यात्रा के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को राज्यव्यापी राजनीतिक चर्चा में लाने की कोशिश कर रहा है।
AAP और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने बनाया गठबंधन
गोवा में कांग्रेस और भाजपा के अलावा अन्य राजनीतिक दल भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने 13 सितंबर 2026 को चुनावी गठबंधन की घोषणा की थी।आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने इस गठबंधन को 'गोवा फर्स्ट' नाम दिया है। दोनों दलों ने इसे भाजपा और कांग्रेस से अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है।वर्तमान विधानसभा में आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं, जबकि गोवा फॉरवर्ड पार्टी के पास एक सीट है। गठबंधन का उद्देश्य आगामी चुनाव में संयुक्त रूप से उम्मीदवार उतारना और राज्य के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना है।
चुनाव से पहले गोवा की राजनीति में हलचल
गोवा में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। कांग्रेस जहां 'गोवा बचाओ यात्रा' के माध्यम से जनता तक पहुंच रही है, वहीं आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने गठबंधन बनाकर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं।राहुल गांधी की 18 अक्टूबर को प्रस्तावित यात्रा और मडगांव की जनसभा कांग्रेस के चुनाव पूर्व अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इस दौरान गोवा की जमीन, पर्यावरण, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का जोर रहने की संभावना है।
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