गुजरात और दादरा-नगर हवेली में सेना का बाढ़ राहत ऑपरेशन पूरा

Update: 2026-07-26 11:08 GMT

Gujarat गुजरात : भारतीय सेना ने गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली में चलाए गए बड़े बाढ़ राहत और बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। लगातार तीन दिनों तक चले इस मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) ऑपरेशन के दौरान सेना ने 790 से अधिक फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

भारी मानसूनी बारिश के कारण गुजरात और दादरा-नगर हवेली के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। कई क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए मदद का इंतजार कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी कमान के तहत 23 जुलाई से मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किए गए थे। इस अभियान में सेना की इंजीनियरिंग और मेडिकल टीमों सहित विशेष राहत दलों को तैनात किया गया। इन टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सहायता उपलब्ध कराई।

सेना ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC), स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्यों को अंजाम दिया। सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के कारण बचाव अभियान को तेजी से पूरा किया जा सका।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना के जवानों ने नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई स्थानों पर पानी का स्तर बढ़ जाने के कारण सड़क संपर्क टूट गया था, जिससे राहत पहुंचाने में मुश्किलें आईं। इसके बावजूद जवानों ने जोखिम उठाकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई।

बचाव अभियान के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दी गई। मेडिकल टीमों ने प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। सेना की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया गया।

अब सेना का बचाव अभियान पूरा हो चुका है और प्रशासन का ध्यान राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन पर केंद्रित है। अधिकारियों की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा ले रही हैं और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।

गुजरात में इस मानसून सीजन में कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दादरा और नगर हवेली के कुछ इलाकों में भी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया।

भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। बाढ़, भूकंप और अन्य आपात स्थितियों में सेना के जवान स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर लोगों की सहायता करते हैं।

इस अभियान में सेना के जवानों ने न केवल लोगों को सुरक्षित निकाला, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में भरोसा भी कायम किया। बाढ़ जैसी आपदा के समय सेना की त्वरित कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों को समय पर सहायता मिल सकी।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय रहा। NDRF, SDRF, नागरिक प्रशासन और सेना की संयुक्त कोशिशों के चलते राहत कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं को दोबारा सुचारू करने के प्रयास में जुटा है। साथ ही, बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावित लोगों को आगे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

भारतीय सेना के इस राहत अभियान ने एक बार फिर आपदा के समय उसकी तत्परता और मानवीय जिम्मेदारी को दर्शाया है। तीन दिनों में सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालना राहत कार्यों में सेना और अन्य एजेंसियों के बेहतर तालमेल का उदाहरण माना जा रहा है।

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