अमरेली : गुजरात के अमरेली जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने बैंकिंग सिस्टम के साथ समन्वय कर साइबर धोखाधड़ी के एक मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया है। पुलिस ने कुछ ही हफ्तों में कार्रवाई करते हुए सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय नागरिक सौरभ जॉली के 11 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। यह रकम सोना खरीदने के नाम पर की गई धोखाधड़ी के बाद फंस गई थी।
पुलिस के अनुसार, सौरभ जॉली ने जून महीने में ईमेल के माध्यम से अमरेली पुलिस से संपर्क किया था। उन्होंने शिकायत में बताया था कि उन्होंने सोना खरीदने के लिए भुगतान किया था, लेकिन पैसे देने के बाद भी उन्हें सोना प्राप्त नहीं हुआ। विदेश में रहने के कारण उन्हें आशंका थी कि उनकी शिकायत का समाधान करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अमरेली साइबर क्राइम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की।
अमरेली के पुलिस अधीक्षक संजय खरात ने बताया कि सौरभ जॉली मूल रूप से नई दिल्ली के रहने वाले हैं और वर्तमान में सिडनी में रहते हैं। उन्होंने अप्रैल महीने में सोना खरीदने के लिए अमरेली के एक व्यक्ति को करीब 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। भुगतान करने के बाद भी जब उन्हें सोना नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
एसपी खरात के अनुसार, शिकायत मिलने के तुरंत बाद साइबर क्राइम टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने बैंक अधिकारियों के साथ तालमेल स्थापित कर लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई और पैसे को ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान बैंकिंग चैनल के माध्यम से रकम को सुरक्षित करने और उसे वापस दिलाने के प्रयास किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर क्राइम टीम ने मामले की जांच लगातार जारी रखी और शिकायतकर्ता को हर चरण की जानकारी दी जाती रही। टीम ने संबंधित बैंक से संपर्क बनाए रखा और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले पीड़ित को यह चिंता थी कि इतनी दूर से शिकायत करने के बाद समाधान में काफी समय लग सकता है। लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी।
साइबर क्राइम पुलिस की सक्रियता और बैंकिंग सिस्टम के सहयोग से आखिरकार सौरभ जॉली को उनकी पूरी रकम वापस मिल गई। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधों के खिलाफ एक प्रभावी उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन लेन-देन और डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि पैसे को ट्रैक करने और उसे वापस दिलाने की संभावना बढ़ सके।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी भी व्यक्ति या संस्था को भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। खासकर सोना, निवेश और अन्य बड़े वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है।
साइबर अपराधी अक्सर आकर्षक ऑफर, कम कीमत या भरोसेमंद दिखने वाले दावों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस को सूचना देना और सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना जांच में मददगार साबित होता है।
अमरेली साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में न केवल शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान से बचाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस और बैंकिंग संस्थाएं मिलकर प्रभावी कार्रवाई कर सकती हैं।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह की किसी धोखाधड़ी में शामिल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को रोकने के लिए लगातार निगरानी और तकनीकी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद सौरभ जॉली ने पुलिस के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि साइबर धोखाधड़ी के शिकार अन्य लोगों को भी इसी तरह समय पर मदद मिल सकेगी।
अमरेली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए आम लोगों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। समय पर शिकायत, सही जानकारी और सतर्क डिजिटल व्यवहार से ऐसे अपराधों से बचाव किया जा सकता है।