गुजरात में भारत पर्व की धूम, पीएम मोदी ने देखा एकता प्रकाश पर्व का शानदार नजारा
एकता नगर : 30 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव का उद्देश्य देश की विविध परंपराओं, लोककलाओं, खानपान और हस्तशिल्प को एक मंच पर प्रस्तुत करना है। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के बाद एकता प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। एकता नगर में रंग-बिरंगी रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। यह आयोजन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को समर्पित है।प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार शाम करीब पांच बजे एकता नगर पहुंचे और भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास विकसित पर्यटन क्षेत्र में किया गया है। इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की गई है। लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, क्षेत्रीय व्यंजन और हस्तनिर्मित उत्पाद आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं।भारत पर्व 2026 का आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी कला और संस्कृति की प्रस्तुतियां देंगे। विभिन्न राज्यों के मंडपों में वहां की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, वस्त्रों और पर्यटन स्थलों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। आयोजन में हस्तशिल्प बाजार और विशेष फूड कोर्ट की व्यवस्था की गई है, जहां पर्यटक देश के विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के साथ विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, देश के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं को एक ही स्थान पर देखने और समझने का अवसर पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव होगा। इससे क्षेत्रीय कलाकारों, शिल्पकारों और स्थानीय पर्यटन व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद शाम को एकता प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। यह आयोजन एकता नगर की खूबसूरती को विशेष रोशनी और आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इसमें देश के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को दर्शाने के लिए रंगीन लाइटों, कलात्मक आकृतियों और आकर्षक प्रकाश व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया गया है।एकता प्रकाश पर्व काप्रमुख आकर्षण 530 मीटर लंबा वैली ऑफ फ्लावर्स रोड इल्यूमिनेशन है। इसकी थीम प्राचीन भारत से आधुनिक भारत की यात्रा पर आधारित है। इसमें भारतीय सभ्यता, राष्ट्रीय पहचान, महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा बलों, योग, विज्ञान और तकनीकी प्रगति जैसे विषयों को प्रकाश कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।इसके अतिरिक्त 180 मीटर लंबी ग्लो टनल भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसकी थीम भारत की विविधता में एकता पर आधारित है। इसमें देश के चार अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति, वास्तुकला, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और जीवनशैली को रंगीन रोशनी के माध्यम से दर्शाया गया है। पूरी प्रकाश व्यवस्था में 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों का उपयोग किया गया है। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने इस आयोजन के लिए विशेष कलाकृतियां तैयार की हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी देखी। इस प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े विषयों को मंच पर प्रदर्शित किया गया।प्रधानमंत्री के दो दिवसीय गुजरात दौरे का यह महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले शुक्रवार सुबह उन्होंने बनासकांठा जिले में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान कृषि, पशुपालन, सड़क, मेट्रो रेल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत लगभग 19 हजार करोड़ रुपये जारी किए। इस राशि का उद्देश्य पात्र किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही उन्होंने नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई और विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी।एकता नगर में आयोजित कार्यक्रमों का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि 31 अक्टूबर को देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अंतर्गत कई कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री शनिवार सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
इसके बाद वे एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें जल शोधन संयंत्र, सीवेज प्रबंधन, नर्मदा घाट का उन्नयन, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित एकता परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा संगठनों के जवान भाग लेंगे। इस बार परेड में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की भूमिका और वहां हुए बदलावों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत करने की योजना है।कार्यक्रम में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सहयोग से नक्सल मुक्त भारत विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकारों की भागीदारी प्रस्तावित है। इसके अलावा लगभग 5,000 कलाकार देश की विभिन्न शास्त्रीय और लोककला परंपराओं की प्रस्तुतियां देंगे।गुजरात के एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई 182 मीटर है और यह सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। यह स्थान देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए वैली ऑफ फ्लावर्स, जंगल सफारी, नर्मदा घाट और अन्य आकर्षण विकसित किए गए हैं।भारत पर्व और एकता प्रकाश पर्व जैसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सांस्कृतिक महोत्सवों के माध्यम से स्थानीय होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना रहती है।फिलहाल एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन हो चुका है और राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों की तैयारियां जारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेंगे। भारत पर्व के माध्यम से देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को एक मंच पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।