बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा जिले में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान माताओं, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के सशक्तिकरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई। इस भुगतान की कुल राशि लगभग 19 हजार करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने पशुपालन, कृषि, सड़क, मेट्रो, रेलवे और ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित कई वरिष्ठ नेता तथा अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह गुजरात के बनासकांठा पहुंचे। अपने दो दिवसीय दौरे के पहले चरण में उन्होंने भीलड़ी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के कैटल फार्म और एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों और केंद्र में विकसित सुविधाओं की जानकारी ली।

इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि एवं पशुपालन को आधुनिक बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करना और महिलाओं तथा बच्चों के लिए आवश्यक सेवाओं का विस्तार करना है।

कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करना रहा। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

केंद्र सरकार के अनुसार, इस बार 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को योजना का लाभ मिला है। किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। इस आर्थिक सहायता से किसानों को बीज, खाद और खेती से संबंधित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने गुजरात में माताओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य तथा पोषण सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से भी बड़ी पहल की। उन्होंने राज्य में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी। इसके साथ ही 361 तैयार आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया गया।

इन परियोजनाओं पर लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल से संबंधित सुविधाएं बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां छोटे बच्चों को पोषण संबंधी सहायता और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी इन केंद्रों की भूमिका होती है।

पशुपालन क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर को राष्ट्र को समर्पित किया। यह अत्याधुनिक केंद्र लगभग 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारना और आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से बेहतर नस्ल के दुधारू पशुओं का विकास करना है।

विशेष रूप से गुजरात की प्रसिद्ध कांकरेज नस्ल के संरक्षण और सुधार पर ध्यान दिया जाएगा। केंद्र में विकसित आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधारने की प्रक्रिया को तेज करने की योजना है। इससे डेयरी कारोबार से जुड़े किसानों और पशुपालकों को भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी की दो बायो-सीएनजी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। ये संयंत्र थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाएंगे। इनमें प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इन संयंत्रों के माध्यम से पशुपालन से निकलने वाले जैविक अपशिष्ट का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र के लिए भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू कीं। उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत लगभग 4,950 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।

इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, कोल्ड चेन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य किसानों को कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण और बेहतर प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा 12 स्वीकृत बागवानी क्लस्टरों में गतिविधियों की शुरुआत की गई। ये क्लस्टर लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेंगे और इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन से संबंधित होंगे।

सड़क और परिवहन क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए और फेज-2बी विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी। फेज-2ए के तहत कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे तक छह किलोमीटर से अधिक लंबा मेट्रो मार्ग विकसित किया जाएगा, जिसमें पांच स्टेशन होंगे।

इसी तरह फेज-2बी के अंतर्गत गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक लगभग 3.3 किलोमीटर लंबा मेट्रो मार्ग बनाया जाएगा। इस मार्ग पर तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद-मेहसाणा राज्य राजमार्ग-41 को चार लेन से आठ लेन में विकसित करने की लगभग 2,600 करोड़ रुपये की परियोजना की आधारशिला भी रखी। सड़क के चौड़ीकरण से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने और यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रेलवे के क्षेत्र में भी दो नई सेवाओं की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री ने साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इन रेल सेवाओं से विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को अतिरिक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे में डेयरी प्रसंस्करण से संबंधित परियोजनाएं भी शामिल हैं। उन्होंने सानादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन किया और पालनपुर में अल्ट्रा हाई टेम्परेचर उत्पादों के लिए विकसित स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली को शुरू किया।

इन सुविधाओं का उद्देश्य कृषि और डेयरी उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण तथा वितरण को अधिक आधुनिक बनाना है। इससे संबंधित उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बनासकांठा में कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एकता नगर जाने का कार्यक्रम है। वहां वे भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे और नर्मदा आरती में शामिल होंगे।

शनिवार, 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे और एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री का यह दो दिवसीय दौरा कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और आम नागरिकों तक आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।

इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूरा होने, प्रभावी संचालन और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा। फिलहाल बनासकांठा में प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं और शुरू की गई परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं बनने की उम्मीद है।

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