गांधीनगर। गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में आयोजित ‘भारत पर्व 2026’ को लेकर पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के शुरुआती तीन दिनों में 25 हजार से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों को एक मंच पर प्रस्तुत करने वाला यह महोत्सव पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, शुरुआती तीन दिनों के आगंतुकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं हुई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व का उद्घाटन किया था। राष्ट्रीय एकता दिवस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह सांस्कृतिक महोत्सव 15 नवंबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कला, संस्कृति और परंपराओं को एक मंच पर लाना है।
तीन दिनों में हजारों पर्यटकों की भागीदारी
भारत पर्व के शुरुआती दिनों से ही एकता नगर में सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर उत्साह बना हुआ है। आयोजन में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं, स्थानीय खानपान और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया जा रहा है।महोत्सव का आयोजन इस तरह किया गया है कि पर्यटक एक ही स्थान पर देश के अलग-अलग हिस्सों की सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सकें।आगंतुकों को विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य की झलक देखने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा स्थानीय उत्पादों और हस्तनिर्मित वस्तुओं के प्रदर्शन से यह आयोजन शिल्पकारों के लिए भी महत्वपूर्ण मंच बन रहा है।पर्यटन के लिहाज से एकता नगर पहले से ही प्रमुख स्थल है। यहां स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। भारत पर्व जैसे बड़े आयोजनों से क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को बढ़ावा
भारत पर्व 2026 की मुख्य अवधारणा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर आधारित है। इसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता के बीच एकता और आपसी जुड़ाव की भावना को मजबूत करना है।भारत के अलग-अलग राज्यों की भाषाएं, पहनावे, खानपान, नृत्य और लोक परंपराएं भले ही अलग हों, लेकिन सभी मिलकर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का निर्माण करती हैं।इसी विचार को सामने रखते हुए भारत पर्व में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी विशिष्ट पहचान प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया है।महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल, शिल्पकारों की प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अलग-अलग राज्यों के लिए विशेष सांस्कृतिक दिवस भी निर्धारित किए गए हैं।
पांच हजार कलाकारों की भागीदारी का कार्यक्रम
भारत पर्व 2026 में देशभर के लगभग पांच हजार कलाकारों की भागीदारी का कार्यक्रम तैयार किया गया है। आयोजन से जुड़ी पूर्व जानकारी के अनुसार 50 से अधिक कला रूपों के प्रदर्शन की योजना है।इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विभिन्न लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।लोकनृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक कार्यक्रमों के साथ हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पादों को भी विशेष स्थान दिया गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल दर्शकों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देश की पारंपरिक कला और विरासत से परिचित कराना भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया था उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर को भारत पर्व 2026 का शुभारंभ करने के साथ ही एकता नगर में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया था।उन्होंने ‘एकता प्रकाश पर्व’ का अवलोकन किया। इस विशेष आयोजन में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया।एकता प्रकाश पर्व के अंतर्गत 530 मीटर लंबे मार्ग पर विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 180 मीटर लंबी ग्लो टनल भी तैयार की गई है।इन आकर्षणों में डेढ़ करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई है। इनका उद्देश्य रात्रिकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ आगंतुकों को नया अनुभव प्रदान करना है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बना प्रमुख आकर्षण
एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित यह विशाल प्रतिमा भारत की राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक मानी जाती है।भारत पर्व के दौरान यहां आने वाले पर्यटक सांस्कृतिक आयोजन के साथ आसपास मौजूद पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कर सकते हैं।वैली ऑफ फ्लावर्स, जंगल सफारी और नर्मदा नदी से जुड़ी पर्यटन गतिविधियां इस क्षेत्र के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।सरकार एकता नगर को ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव एक साथ मिल सके।
स्थानीय कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा
भारत पर्व जैसे आयोजनों से स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।इसके अलावा हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से छोटे कारोबारियों तथा पारंपरिक कारीगरों को नए ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलता है।महोत्सव में शामिल विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों को अपने उत्पादों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने का मंच भी मिल रहा है।प्रधानमंत्री ने आयोजन के दौरान केंद्रीय कुटीर उद्योग निगम के मंडप का भी दौरा किया था। इस मंडप में देश की पारंपरिक हस्तकला और हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।
15 नवंबर तक जारी रहेगा भारत पर्व
भारत पर्व 2026 का आयोजन 15 नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगे।महोत्सव के माध्यम से पर्यटकों को भारत की विविधता को करीब से समझने और अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।एकता नगर में आयोजित यह उत्सव राष्ट्रीय एकता, पर्यटन विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।आयोजन के शुरुआती दिनों में सामने आई आगंतुकों की संख्या उत्साहजनक है। आने वाले दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्यटन गतिविधियों के चलते यहां और अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है।
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