गुजरात : भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता से एक नेपाली किशोरी को कथित रूप से बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाने के मामले का खुलासा हुआ है। एसएसबी जवानों ने सीमा पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को पकड़ लिया और किशोरी को सुरक्षित बचा लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले में मानव तस्करी की कोशिश भी हो सकती है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
सीमा पर एसएसबी की सतर्कता से बची किशोरी
जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवान नियमित जांच और निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक और किशोरी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
पूछताछ के दौरान दोनों के बीच संबंध और यात्रा के उद्देश्य को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जवानों ने युवक को रोक लिया। जांच में पता चला कि किशोरी नेपाल की रहने वाली है और युवक उसे अपने साथ गुजरात ले जाने की तैयारी में था।
एसएसबी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और युवक को हिरासत में ले लिया।
शादी का झांसा देकर ले जाने का आरोप
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर किशोरी को शादी का झांसा दिया था। आरोप है कि इसी बहाने वह उसे गुजरात ले जाने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि युवक और किशोरी के बीच पहले से कोई संपर्क था या नहीं और उसे किस उद्देश्य से गुजरात ले जाया जा रहा था।
मानव तस्करी की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में मानव तस्करी की आशंका भी नजर आ रही है। सीमा क्षेत्रों से अक्सर लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाने के मामले सामने आते रहे हैं।
इसी को देखते हुए एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर विशेष निगरानी रखती हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
किशोरी को परिजनों तक पहुंचाने की तैयारी
एसएसबी ने किशोरी को सुरक्षित बचाने के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी है। अब किशोरी के परिजनों से संपर्क करने और उसे सुरक्षित घर पहुंचाने की प्रक्रिया की जा रही है।
इसके साथ ही युवक से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसबी लगातार सक्रिय रहती है। सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों, तस्करी और मानव तस्करी को रोकने के लिए जवानों द्वारा नियमित गश्त और जांच अभियान चलाए जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार अपराधी लोगों को झूठे वादों और लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अब युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में केवल बहला-फुसलाकर ले जाने का प्रयास था या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था।
एसएसबी की भूमिका की सराहना
किशोरी को सुरक्षित बचाने के लिए एसएसबी की कार्रवाई की सराहना की जा रही है। सीमा पर तैनात जवानों की सतर्कता के कारण एक संभावित अपराध को समय रहते रोका जा सका।
अधिकारियों ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ मानव सुरक्षा भी एसएसबी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में बल पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करता है।