एकता नगर (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर पहुंचकर देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 151वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत के लौह पुरुष को नमन किया। इस अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें 'अखंड भारत' का शिल्पकार और भारत का लौह पुरुष बताया। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की रियासतों को एकजुट करने और आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के मुख्य समारोह का हिस्सा था। गुजरात के एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर प्रधानमंत्री ने अर्पित की पुष्पांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे। यहां उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। केंद्र सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की शुरुआत सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के साथ होनी थी।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक के रूप में स्थापित है। नर्मदा नदी के पास स्थित यह प्रतिमा देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण है।

सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत बनाना है।

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री ने दिया खास संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए उनके नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान का उल्लेख किया।

उन्होंने सरदार पटेल को अखंड भारत का शिल्पकार बताते हुए कहा कि देश के राजनीतिक एकीकरण में उनकी भूमिका अतुलनीय रही है।

प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता को याद किया।

सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की चुनौती का सामना किया था। उनके प्रयासों से स्वतंत्र भारत की एकता को मजबूत आधार मिला।

प्रधानमंत्री का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश को एकजुट और सशक्त बनाने की प्रेरणा देते हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता नगर में विशेष आयोजन

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इस अवसर पर देशभर में एकता दौड़, शपथ ग्रहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।

गुजरात के एकता नगर में इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ही गुजरात पहुंचकर समारोहों में भाग लेना शुरू कर दिया था।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 31 अक्टूबर के कार्यक्रम में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि और राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भागीदारी शामिल है।

'भारत पर्व 2026' का भी किया शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का शुभारंभ किया।

इस आयोजन में देश की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया है।

भारत पर्व का उद्देश्य 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनों का अवलोकन किया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने एकता प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लिया।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने नर्मदा आरती में हिस्सा लिया। इन आयोजनों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया गया।

सरदार पटेल का स्वतंत्र भारत में ऐतिहासिक योगदान

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था।

वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे।

महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने किसानों और आम नागरिकों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह में उनके नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

बारडोली सत्याग्रह की सफलता के बाद उन्हें 'सरदार' की उपाधि मिली।

भारत की स्वतंत्रता के बाद वे देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री बने।

स्वतंत्रता के समय देश में सैकड़ों रियासतें थीं। इन रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया में सरदार पटेल ने निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया।

उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और राजनीतिक दूरदर्शिता के कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

गुजरात के एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है।

इसकी ऊंचाई 182 मीटर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को इस प्रतिमा का उद्घाटन किया था।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान की स्मृति में बनाया गया है।

यह स्थल अब राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल है।

यहां आने वाले पर्यटकों को सरदार पटेल के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन और भारत के राजनीतिक एकीकरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

विकास परियोजनाओं की भी सौगात

प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात दौरे के दौरान एकता नगर में पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री को 31 पर्यटन और आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करना है।

इन परियोजनाओं की कुल लागत 426 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

इनमें पर्यटन सुविधाओं, परिवहन और स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने से जुड़े कार्य शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के माध्यम से एकता नगर को पर्यटन केंद्र के रूप में और विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

देशभर में मनाया जा रहा राष्ट्रीय एकता दिवस

सरदार पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के साथ देश के अन्य राज्यों में भी राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है।

विभिन्न सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा एकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य नागरिकों को देश की विविधता के बीच एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर यह संदेश दिया कि सरदार पटेल के आदर्श और उनका राष्ट्र निर्माण में योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

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