महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में पुलिस ने पशु क्रूरता के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। थाना सदर महेंद्रगढ़ पुलिस ने 152-डी पर नाकाबंदी के दौरान एक राजस्थान नंबर की पिकअप को रोककर जांच की, जिसमें क्षमता से कई गुना अधिक संख्या में भेड़-बकरियां ठूंस-ठूंसकर भरी हुई थीं। पुलिस ने वाहन से कुल 44 पशुओं को बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, पिकअप में 35 भेड़ और नौ बकरियां मिलीं। मामले में पुलिस ने वाहन चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पिकअप वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है। बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, थाना सदर महेंद्रगढ़ पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राजस्थान नंबर की एक पिकअप में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों को अमानवीय तरीके से भरकर 152-डी की ओर ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने उच्ची भाण्डोर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए 152-डी पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद पुलिस को सूचना में बताए गए हुलिए वाली राजस्थान नंबर की पिकअप आती दिखाई दी।

पुलिस ने वाहन को रुकवाकर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान पिकअप के अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। वाहन में भेड़-बकरियों को बेहद कम जगह में ठूंसकर भरा गया था। पशुओं के खड़े होने और सांस लेने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।

पुलिस ने जब पशुओं की गिनती की तो पिकअप से 35 भेड़ और नौ बकरियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, वाहन में इतनी अधिक संख्या में पशुओं को ले जाना नियमों का उल्लंघन है और यह पशुओं के साथ क्रूरता की श्रेणी में आता है।

मौके पर पुलिस ने पिकअप चालक और उसके साथ मौजूद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल निवासी डुगरी खुर्द, थाना किशनगढ़, जयपुर और नरेश कुमार निवासी नाथूसर, थाना श्रीमाधोपुर, सीकर के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पशुओं को वाहन में अत्यधिक संख्या में भरकर ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पशुओं को कहां से लाया गया था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। बरामद पशुओं को उचित देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपियों से पशुओं की खरीद-फरोख्त, परिवहन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पशु परिवहन के दौरान नियमों का पालन करना जरूरी होता है। एक वाहन में क्षमता से अधिक पशुओं को भरना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे पशुओं के स्वास्थ्य और जीवन को भी खतरा होता है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध पशु परिवहन और पशु क्रूरता के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है।

Tags: