हरियाणा : राजनीति में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले हुड्डा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कथित तौर पर एक ‘सीक्रेट डील’ हुई थी। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में चौटाला ने कोई सार्वजनिक दस्तावेज या ठोस सबूत पेश नहीं किया है। हुड्डा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे हताशा में दिया गया बयान बताया है।
एक कार्यक्रम में अभय चौटाला ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा के कई बड़े बिल्डरों और रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई हुई थी। चौटाला के मुताबिक, इनमें ऐसे कारोबारी भी शामिल थे जिन्हें भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी या सहयोगी माना जाता रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पार्श्वनाथ नाम के एक बिल्डर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसके ठिकाने से कुछ दस्तावेज बरामद हुए थे।
चौटाला ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। INLD नेता का दावा है कि इसके बाद हुड्डा को कथित तौर पर अमित शाह से मुलाकात करने के लिए कहा गया। चौटाला ने दावा किया कि हुड्डा ने अमित शाह से मुलाकात की और उनसे किसी तरह का राजनीतिक सहयोग करने की पेशकश की।
चौटाला के अनुसार, कथित बातचीत में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट देने को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अंदरूनी सर्वे में कांग्रेस के कई मौजूदा विधायकों की स्थिति कमजोर बताई गई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों को टिकट देने का फैसला हुआ।
INLD नेता ने दावा किया कि हुड्डा ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने यह तर्क रखा कि अगर उम्मीदवारों की घोषणा जल्द नहीं की गई तो पार्टी में भगदड़ मच सकती है और कई नेता दूसरी पार्टियों का रुख कर सकते हैं। चौटाला के मुताबिक, इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने कई सीटों पर जल्दी-जल्दी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।
अभय चौटाला ने आगे आरोप लगाया कि उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बीजेपी नेताओं की ओर से भी कांग्रेस के खिलाफ चुनावी रणनीति को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद कथित तौर पर कांग्रेस के कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ बागी उम्मीदवार खड़े करने और उन्हें कमजोर करने की कोशिश की गई। चौटाला ने इसे कांग्रेस को चुनाव में नुकसान पहुंचाने की कथित रणनीति से जोड़ते हुए दावा किया कि इसका फायदा बीजेपी को मिला।
हालांकि, चौटाला के इन आरोपों को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सिरे से खारिज कर दिया है। हुड्डा ने आरोपों को बेबुनियाद, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने INLD पर पलटवार करते हुए कहा कि चौटाला की पार्टी खुद बीजेपी की ‘बी-टीम’ की तरह काम करती रही है और उसका मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को नुकसान पहुंचाना है।
हुड्डा के मुताबिक, हरियाणा की जनता INLD और बीजेपी के बीच कथित राजनीतिक समीकरणों को अच्छी तरह समझती है। उन्होंने चौटाला के आरोपों को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे बयान केवल राजनीतिक चर्चा को भटकाने के लिए दिए जा रहे हैं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बीजेपी ने लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। चुनाव के बाद से ही कांग्रेस के भीतर हार के कारणों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और संगठनात्मक तालमेल को लेकर भी अलग-अलग नेताओं की ओर से टिप्पणियां सामने आती रही हैं।
ऐसे में अभय चौटाला का ताजा बयान हरियाणा की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा करता है। हालांकि, कथित ‘सीक्रेट डील’ और चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए किसी तरह की अंदरूनी साजिश के आरोप फिलहाल चौटाला के दावों तक ही सीमित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, हुड्डा ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और INLD के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।