पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दौड़ में शामिल प्रतिभागियों का स्वागत किया और कहा कि सरदार पटेल का जीवन देशभक्ति, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय एकता की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है।
सुबह साढ़े छह बजे शुरू हुआ कार्यक्रम
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पंचकूला के माता मनसा देवी परिसर स्थित शिवालिक कंट्री क्लब से 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का निर्धारित समय सुबह 6:30 बजे था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ किया।
इस आयोजन का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और सरदार पटेल के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
राज्य सरकार की ओर से हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी राष्ट्रीय एकता दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस बार आयोजनों का संदेश था कि पूरा हरियाणा राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ एकजुट होकर दौड़ रहा है।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।
सरदार पटेल को 'भारत का लौह पुरुष' कहा जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी निर्णायक भूमिका रही थी।
उन्होंने राजनीतिक दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ राष्ट्रीय एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाना सभी नागरिकों का दायित्व है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार पटेल की स्मृति को सम्मान देने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने गुजरात में स्थापित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनवाकर सरदार पटेल के योगदान को विशेष सम्मान दिया है।
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा है।
यह प्रतिमा उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान और भारत की एकता का प्रतीक मानी जाती है।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय एकता दिवस का विशेष महत्व
भारत में प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।
यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में देश की एकता और अखंडता के प्रति संकल्प दोहराने का अवसर होता है।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था।
स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने किसानों और आम नागरिकों को संगठित करने के साथ ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलनों का नेतृत्व किया।
स्वतंत्रता के बाद उन्होंने भारतीय संघ के एकीकरण की चुनौती का सामना किया।
उनके योगदान को याद करने के लिए देशभर में दौड़, शपथ ग्रहण, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस वर्ष उनकी 151वीं जयंती मनाई जा रही है।
युवाओं को राष्ट्रीय एकता से जोड़ने की पहल
'रन फॉर यूनिटी' का उद्देश्य केवल दौड़ आयोजित करना नहीं है, बल्कि युवाओं और नागरिकों को राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ना भी है।
ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाता है कि भाषा, धर्म, संस्कृति और क्षेत्रीय विविधताओं के बावजूद देश की एकता सर्वोपरि है।
हरियाणा सरकार ने भी इस आयोजन के जरिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने सरदार पटेल के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एकता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास और प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना आवश्यक है।
हरियाणा के जिलों में भी कार्यक्रम
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केवल पंचकूला ही नहीं, बल्कि हरियाणा के अन्य जिला मुख्यालयों में भी 'रन फॉर यूनिटी' जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई थी।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को आयोजन की तैयारियां करने और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इस पहल का उद्देश्य सरदार पटेल के विचारों और देश के प्रति उनके योगदान को व्यापक स्तर पर पहुंचाना था।
विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव
पंचकूला में 'रन फॉर यूनिटी' के आयोजन को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किए गए।
शिवालिक कंट्री क्लब और माता मनसा देवी मंदिर परिसर के आसपास कुछ सड़कों पर सुबह के समय यातायात प्रतिबंध लागू किए गए थे।
जारी यातायात सलाह के अनुसार, शनिवार सुबह पांच बजे से नौ बजे तक कार्यक्रम से संबंधित कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहने की संभावना थी।
प्रशासन ने नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात निर्देशों का पालन करने की अपील की थी।
देशभर में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश के विभिन्न हिस्सों में भी राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
देशभर में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रमों में नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हुआ आयोजन भी इसी राष्ट्रव्यापी पहल का हिस्सा रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि सरदार पटेल के सपनों के सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना चाहिए।