हरियाणा के सिरसा जिले के पंजमाला, थिराज और अलीकन गांवों के किसानों ने राज्य सरकार के 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर दर्ज फसल विवरण में विसंगतियों की सूचना दी है, जिससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उनकी उपज की बिक्री पर चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि फसल सत्यापन के दौरान गलत प्रविष्टियां अनावश्यक बाधाएं पैदा कर रही हैं, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों का दौरा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने नए सिरे से सत्यापन और अभिलेखों में शीघ्र सुधार की मांग की है और समस्या का समाधान नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
किसानों ने पोर्टल पर क्या त्रुटियां बताई हैं?
कालांवाली तहसील के किसानों ने आरोप लगाया कि पोर्टल पर सूचीबद्ध फसलें उनके खेतों में उगाई गई फसलों से मेल नहीं खातीं। उनकी शिकायत के मुताबिक सत्यापन के दौरान बाजरा को अमरूद, कपास को धान और धान को कपास दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि ये विसंगतियां मंडियों में एमएसपी पर अपनी उपज बेचने की उनकी क्षमता को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने क्या कार्रवाई की मांग की है?
यह मुद्दा भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख के पंजमाला गांव के दौरे के दौरान सामने आया, जिन्होंने किसानों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। औलख ने मांग की कि वरिष्ठ अधिकारी नए सिरे से फसल सत्यापन के लिए प्रभावित गांवों में एक टीम भेजें। उन्होंने गलत प्रविष्टियां करने के लिए जिम्मेदार पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। किसान सत्यापन प्रणाली पर सवाल क्यों उठा रहे हैं?
औलख ने कहा कि पोर्टल संबंधी त्रुटियां किसानों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर कर रही हैं। उन्होंने उपग्रह-आधारित निगरानी की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्षेत्र की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग क्यों किया जा रहा है, लेकिन उनके विचार में, फसल सत्यापन त्रुटियों या फसल के नुकसान होने पर पर्याप्त सहायता प्रदान करने में विफल रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी शिकायतों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे तहसील कार्यालय के बाहर धरना देंगे। उनकी तत्काल मांग रिकॉर्ड को सही करने की है ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच सकें।
कृषि विभाग ने क्या कहा है?
फतेहाबाद के जिला कृषि अधिकारी डॉ. वीके फोगाट, जिनके पास सिरसा का अतिरिक्त प्रभार भी है, ने प्रभावित किसानों को कृषि विभाग कार्यालय में जाकर अपनी शिकायतें दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का समाधान किया जाएगा और किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जाएगा।
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