नारनाैल: एचएसईबी वर्कर्स यूनियन की केंद्रीय परिषद भिवानी की नारनौल सर्कल इकाई की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इसमें बिजली कर्मचारियों ने सरकार से रिस्क अलाउंस बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली लाइनों और उपकरणों के बीच जोखिम भरे माहौल में काम करने के बावजूद उन्हें वर्तमान में केवल 500 रुपये रिस्क अलाउंस मिलता है, जो उनकी जिम्मेदारियों के हिसाब से काफी कम है।

बैठक की अध्यक्षता सर्कल प्रधान सत्यवान यादव ने की। इसमें केंद्रीय परिषद के सह सचिव सुभाष रोहिल्ला भी मौजूद रहे। यूनिट प्रधान सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने के लिए काम करते हैं। तेज गर्मी, बारिश और कड़ाके की सर्दी में भी उन्हें अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि कई बार कर्मचारियों को 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइनों और अन्य उपकरणों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में उनकी जान को खतरा बना रहता है। इसलिए सरकार को उनके काम के जोखिम को ध्यान में रखते हुए रिस्क अलाउंस में बढ़ोतरी करनी चाहिए। उपप्रधान राकेश यादव ने कहा कि विभाग में पहले भी पांच हजार रुपये फिक्स्ड अलाउंस को लेकर पत्र जारी होने की बात सामने आई है। वहीं, यूनिट सचिव प्रमोद शर्मा ने हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों को पांच हजार रुपये रिस्क अलाउंस दिए जाने का हवाला देते हुए बिजली कर्मचारियों को भी इतनी ही राशि देने की मांग की। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को सात हजार दाे साै रुपये रिस्क अलाउंस मिलने का भी उल्लेख किया। यूनियन ने सरकार से बिजली कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और जोखिम भरी ड्यूटी को देखते हुए कम से कम पांच हजार रुपये प्रतिमाह रिस्क अलाउंस देने की मांग की।

बैठक में सिटी प्रधान सुरेंद्र, चंद्रजीत, नांगल चौधरी के प्रधान जितेंद्र डांगी, निजामपुर से बिरेंद्र, ललित चेयरमैन, हरीश और प्रवीण सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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